- धर्मांतरण प्रकरण में एसएसपी के आदेश पर ब्रह्मपुरी पुलिस ने कई लोगों पर मुकदमा पंजीकृत कर भेजा था जेल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ब्रह्मपुरी क्षेत्र मंगतपुरम स्थित झुग्गी झोपड़ी की जमीन पर कब्जे की नीयत से गये भाजपा नेता पर हमला कर घायल कर दिया था। मारपीट में घायल नेता ने किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की थी। गत दिनों दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम झुग्गी झोपड़ी में धर्मांतरण को लेकर एक मुद्दा जोरों पर है।
झुग्गी झोपड़ी बस्ती में रहने वाले करीब साढ़े सात हजार लोग पचास सालों से अपनी गुजर बसर करते आ रहे हैं। दस दिन पहले धर्मांतरण के एक मामले को लेकर भाजपा नेता दीपक शर्मा ने कुछ लोगों व महिलाओं के साथ एसएसपी आॅफिस पहुंचे थे। एसएसपी से शिकायत की गई थी कि कुछ लोग बस्ती के लोगों को जबरन ईसाई बना रहे हैं।
धर्मांतरण का मुद्दा जब मीडिया के सामने आया और देश विदेश के लिए सुर्खियां बना तो यूपी सरकार से लेकर के न्द्र सरकार भी हरकत में आ गई थी। एसएसपी के आदेश पर ब्रह्मपुरी पुलिस ने कई लोगों को पकड़कर मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया था। अब भी ब्रह्मपुरी पुलिस शिवा उर्फ छबीली व मुकेश पास्टर और अनिल पास्टर की तलाश में है।

बताया जाता है कि धर्मांतरण के इस प्रकरण के पीछे की कहानी धार्मिकता न होकर अरबों रुपये की जमीन को कब्जाने की एक साजिश का हिस्सा है। उधर, भाजपा नेता राजू दूधिया की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। बताया जाता है कि मंगतपुरम में झुग्गी झोपड़ी को हटवाने के लिए एक गु्रप द्वारा रुपरेखा तैयार की जा चुकी है।
इसी क्रम में भाजपा नेता राजू दूधिया के साथ झुग्गी झोपड़ी के लोगों ने एक महीना पहले जमकर मारपीट की थी। जिसमें वह घायल हो गया था। उसने खुद यह स्वीकार किया है कि वह आरएसएस से जुड़ा है। वह झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों से इसलिए मिलने गया था कि वहां के रहने वाले लोग हिन्दू से ईसाई धर्म अपना रहे हैं।
इसके बाद उसने यह अपनी रिपोर्ट भाजपा नेता दीपक शर्मा को दी थी। जिसके चलते दीपक शर्मा ने धर्मांतरण की समस्या को लेकर एसएसपी के यहां प्रदर्शन कर शिकायत की थी, लेकिन दूसरी ओर मंगतपुरम के स्थानीय लोगों ने बताया कि राजू दूधिया भाजपा नेता है। वह झुग्गी झोपड़ी वाली दस बीघे जमीन को हटवाने के लिए वहां गया था। जिसके चलते वहां रहने वाले लोगों ने उस पर हमला कर दिया था।
आठ लोग जेल में, बाकी की सरगर्मी से तलाश
धर्मांतरण के मामले में पुलिस आठ लोगों को जेल भेज चुकी है, लेकिन शिवा उर्फ छबीली अभी फरार है। वहीं धर्मांतरण के मामले में मुकेश पास्टर और अनिल पास्टर को भी पुलिस तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। उधर, पुलिस भी इस मामले पर चुप्पी साधे है। चूंकि धर्मांतरण का मामला देश विदेश से जुड़ा है।

