- प्रशासन के नहीं दिखे इंतजाम, ग्रेप सिस्टम के मानक नहीं हो रहे पूरे, बढ़ रहा प्रदूषण
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को रोकने के लिए एनजीटी द्वारा ग्रेप सिस्टम लागू किया गया था, लेकिन यह सिस्टम पूरी तरह से धड़ाम हो गया है। यह सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है। प्रदूषण की रोकथाम के लिए इस सिस्टम में 32 विभागों को शामिल किया गया था,
लेकिन प्रदूषण विभाग के अलावा कोई भी अन्य विभाग इस सिस्टम के मुताबिक काम नहीं कर रहा है। जिसके चलते ग्रेप सिस्टम लागू होने के बाद भी बात नहीं बन रही है। मंगलवार को मेरठ में दिन भर धुंध छाई रही, लेकिन इस धुंध के लिए प्रशासन के कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं दिखाई दिए।
एनजीटी ने ग्रेप सिस्टम लागू करने में 32 विभागों को शामिल किया था। इन विभागों में जल विभाग, पीडब्लूडी विभाग, विद्युत विभाग, नगर निगम समेत 32 विभागों को शामिल किया और प्रदूषण को रोकने इन विभागों को काम करने के लिए निर्देश दिए, लेकिन एनजीटी के यह निर्देश सिर्फ कागजों तक ही सीमित कर रह गए। धरातल पर सिर्फ प्रदूषण विभाग के अलावा कोई भी विभाग इस ओर काम नहीं कर रहा है।

मेरठ में एयर क्वालिटी इंडेक्स के लगातार बढ़ने से प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को परेशानी होने लगी है। शहर के वाशिंदों को अब सांस लेने में भी दिक्कते होने लगी है। मंगलवार को दिन भर आसमान में धुंध छाए रही। धुंध के चलते जलन और सांस लेने में भी दिक्कते महसूस की गई है। यह बढ़ता प्रदूषण लोगों को अब बीमारी की और धकेल रहा है।
जगह-जगह धूल, एनएचएआई के नहीं इंतजाम
शहर में जगह-जगह धूल के चलने के कारण भी अस्थमा के बीमार लोेगों को परेशानी हो रही है। मेरठ के विभिन्न इलाकों में जहां निर्माण कार्य होने से जगह-जगह धूल का असर दिखाई दे रहा है। वहीं, परतापुर बाइपास से लेकर मोदीपुरम तक सर्विस रोड़ पर धूल ही धूल दिखाई दे रही है। इन धूल के चलने से मौसम में वातावरण में भी तब्दीली होने लगी है। जिससे लोग बीमारी का शिकार होने लगे है। हाइवे पर धूल को रोकने के लिए एनएचएआई द्वारा कोई बंदोबस्त नहीं किए जा रहे है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
पीडब्ल्यूडी विभाग भी कर रहा घोर लापरवाही
शहर में कुछ इलाकों में धूल चलने के कारण लोग परेशान देखे जा रहे है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इन धूल को रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। जगह-जगह सड़कों में गड्ढे होने के कारण धूल चल रही है। जिसके चलते यह धूल सांस लेते हुए शरीर के अंदर धुल रही है। ऐसे में विभाग द्वारा कोई भी पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है।
आंखों में जलन, अस्थमा के रोगी परेशान
आसमान में धुंध छाने के कारण आंखों में जलन हो रही है। फेफड़ों में भी परेशानी हो रही है। अस्थमा के रोगी ज्यादा परेशान हो रहे हैं। ऐसे में लोगों को अधिक परेशानी हो रही है। ऐसे में कोई खास इंतजाम मेरठ प्रशासन द्वारा नहीं किए जा रहे हैं।
मौसम में भी ठंड का अहसास
मौसम में भी लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। ठंड का अहसास जरूर होने लगा है। मंगलवार को ठंड में इजाफा हुआ है। जिसके चलते दिन का तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 98 एवं न्यूनतम आर्द्रता 71 प्रतिशत दर्ज की गई।
मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि मौसम में बदलाव रहेगा। जिसके चलते ठंड का अहसास रहेगा। हालांकि सुबह के समय बढ़ते प्रदूषण के कारण कोहरे का असर जरूर बना हुआ है। जिसके चलते आने वाले दिनों में कोहरे की तादाद भी बढ़ेगी।
प्रमुख शहर में प्रदूषण
मेरठ 242
शामली 265
बागपत 290
गाजियाबाद 338
मुजफ्फरनगर 276
बुलंदशहर 230
हापुड़ 195
शहर में प्रदूषण की स्थिति
गंगानगर 274
जयभीमनगर 250
पल्लवपुरम 213

