- आंखों में जलन, अस्थमा के रोगियों को हो रही परेशानी
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: शहर का प्रदूषण अब भी खतरनाक श्रेणी में चल रहा है। आसमान में अभी भी धुंध छाई हुई है। जिसके चलते प्रदूषण लगातार बढ़ा हुआ है। आंखों में जलन का असर साफ दिखाई दे रहा है। अस्थमा के रोगियों को सांस लेने में दिक्कते महसूस हो रही है। हालांकि चिकित्सक अस्थमा के रोगियों को बेहद बचाव करने की सलाह दे रहे हैं। मेरठ में प्रदूषण का असर अच्छा खासा बना हुआ है।
अगर प्रदूषण को समय रहते नहीं रोका गया तो यहां भी चौथी स्टेज लागू करनी पड़ेगी। रेड जोन में इस शहर को पहले ही शामिल किया जा चुका है। अब यहां इस खतरनाक स्तर को रोकने के लिए कोई भी विभाग काम नहीं कर रहा है। एनजीटी द्वारा प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रेप सिस्टम लागू किया गया था। इस सिस्टम में 32 विभाग शामिल थे, लेकिन प्रदूषण विभाग के अलावा कोई भी विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। एनजीटी के आदेशों को विभाग द्वारा हवा में उडाया जा रहा है।
जल विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा तो कोई भी काम नहीं किया जा रहा है। शहर में चारों तक निर्माण कार्यो के चलते जगह-जगह धुल उड़ रही है। जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कतें हो रही है। ऐसे में अब प्रदूषण कैसे रुकेगा। यह परेशानी खड़ी हो रही है। मेरठ में इस समय एयर क्वालिटी इंडेक्स 261 है। जबकि मेरठ के जिन तीन स्थानों पर प्रदूषण विभाग द्वारा एक्यूमेंट लगाए हैं। वहां भी प्रदूषण की स्थिति बेहद खतरनाक चल रही है।
मौसम में हो रहा बदलाव, सुबह छाया कोहरा
मौसम में बदलाव के असर साफ दिखाई दे रहे है। सुबह और शाम के समय ठंड का एहसास बढ़ा हुआ है। सुबह के समय कोहरे का भी असर दिखाई दे रहा है। हालांकि दोपहर के समय हल्की फुल्की गर्मी का एहसास बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ डा. यूपी शाही का कहना है कि अभी मौसम में बदलाव होगा और ठंड़ का एहसास बढ़ेगा साथ ही साथ कोहरे का असर भी बढ़ेगा। राजकीय मौसम वैधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 98 एवं न्यूनतम आर्द्रता 54 प्रतिशत दर्ज की गई।
मेरठ के शहरों में प्रदूषण की स्थिति
गंगानगर 227
पल्लवपुरम 230
जयभीमनगर 307
इन शहरों में प्रदूषण की स्थिति
मेरठ 261
बागपत 296
बुलंदशहर 247
गाजियाबाद 334
ग्रेटर नोएडा 348
हापुड़ 286
मुजफ्फरनगर 288

