- 34 आवेदन अस्वीकृत किए गएए 398 का चिन्हांकन
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों के भरण पोषण तथा शिक्षा और सुरक्षा के लिए संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना जनपद में रंग ला रही है। इस योजना के तहत कुल करीब 389 बच्चों को चिन्हित किया गया है। मसलन कोरोना काल में जिन बच्चों के माता.पिता में से किसी की मौत हो चुकी है या फिर दोनों की मृत्यु हो गई है उन्हें सरकार हर महीने ढाई हजार रुपये देगी। दे रही है। सहारनपुर में योजना पर तेजी से काम हो रहा है। अभी तक तीन सौ बच्चों को निर्धारित धनराशि खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने बताया .कि जिला प्रोबेशन कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई तथा बाल कल्याण समिति संयुक्त रूप से इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि .सहारनपुर जनपद में अद्यतन कुल 389 बच्चों को चिन्हित कर लिया गया है। हालांकिए आवेदन 423 ने किया है ले्किनए स्वीकृत 398 को ही किया गया है।
उन्होंने बताया कि .कुल करीब34 आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है। यह बताया कि स्वीकृत 398 आवेदनों में से अभी तक 300 बच्चों को धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। पांडेय ने बताया कि निराश्रित बच्चों का भविष्य सुधारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कई योजनाए्ं संचालित की जा रही हैं। इसमें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना अग्रणी है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत राशि का भुगतान एक साथ तीन महीने का दिया जाता है। सहायता राशि बच्चों के ग्रेजुएशन या फिर 23 साल की उम्र तक देने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि योजना में 0 से 18 साल तक की आयु वर्ग के बच्चों को यह लाभ दिया जाएगाए बशर्ते वह उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हों। यही नहींए माता.पिता अथवा मां व पिता में से किसी एक की अथवा वैध अभिभावक या फिर आय अर्जित करने वाले अभिभाव की मृत्यु कोरोना संक्रमण से 1 मार्च 2020 के बाद हुई हो। उन्होंने उन्हो्ंने बताया कि .इसके लिए निर्धारित प्रारूप पर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन ग्राम्य विकास विभाग पंचायत अधिकारी विकास खंड कार्यालय तथा जिला प्रोबेशन कार्यालय में किया जा सकता है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांंडेय ने बताया कि फिलहालए जनपद में तीन सौ बच्चों को धनराशि का भुगतान कर दिया गया है। अन्य आवेदनों पर विचार किया जा रहा है। कोशिश है कि जो भी पात्र हैं और उन्होंने आवेदन किया है उन्हें भी जल्द इसका लाभ दिलाया जाएए ताकि योजान का सफल क्रियान्वयन किया जा सके।

