- तहसील रोड पर तालाब की खुदाई ने जीवन बना दिया नर्क
- बेतहाशा धूल ने सांस लेना किया मुश्किल
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह लापरवाही पर उतर आया है। लोगों के शिकायत करने या चिल्लाने से पालिका अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। बेरहम पालिका प्रशासन ने कस्बे के लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया है। मंडी चमारान में लोग दूषित पानी पीकर मर रहे हैं। तहसील रोड पर बेतहाशा धूल ने लोगों का जीना मुश्किल कर रखा है। फेफड़ों में शुद्ध आॅक्सीजन की जगह धूल भर रही है।
लाख चिल्लाने के बाद भी पालिका अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हैं। एनजीटी के आदेशों का पालन करना तो दूर की बात है। इस मार्ग पर दो बूंद पानी का छिड़काव कराना भी जरूरी नहीं समझा जा रहा है। तालाब की खुदाई के नाम पर लोगों के जीवन और उनके मौलिक अधिकारियों को तानाशाही रवैये से रौंदा जा रहा है। सरधना के लोगों की जिंदगी की शायद किसी को कोई प्रवाह नहीं है। सरकार तक यह बात जाए तो शायद कुछ सुधार हो सके।
मंडी चमारान मोहल्ले में दूषित पानी से लोगों के मरने और बीमारी होने की जिम्मेदारी सीधे नगर पालिका प्रशासन पर जाती है। समय-समय पर पानी की जांच नहीं होने का नतीजा यह है कि लोगों की जान जा रही है। जांच होगी भी कैसे? पालिका प्रशासन तो पूरी तरह लापरवाही पर उतरा हुआ है। अधिकारी सड़क उतरकर देखने को तैयार नहीं है कि कस्बे की जनता कैसे नारकीय जीवन जी रही है।
जैसे तानाशाह अपनी गद्दी पर जमकर बैठता था और जनता की कोई परवाह नहीं करता था, वैसा ही हाल आज सरधना का है। मंडी चमारान की बीमारी तो नियंत्रण हो नही ंरही है। तहसील रोड के लोग भी बीमारी होने की स्थिति में है। क्योंकि यहां पालिका द्वारा तालाब की खुदाई कराई जा रही है। तालाब से निकलने वाली सिल्ट दूर-दूर तक फैली हुई है। एक महीने से 24 घंटे और सातों दिन इस इलाके में बेतहाशा धूल उड़ती रहती है।
कहने को एनजीटी के सख्त आदेश है कि कंस्ट्रक्शन के दौरान धूल उड़ी तो कार्रवाई होगी। मगर यहां कोई किसी की मानने को तैयार नहीं है। तहसील रोड के लोग एक महीने से धूल खा रहे हैं। लोगों की सांस लेना मुश्किल हो गया है। सांस के मरीज और बुजुर्गों की जान पर बनी हुई है। लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, चिल्ला रहे हैं।
मगर पालिका प्रशासन पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। इतना भी नहीं हो रहा है कि दो बूंद पानी ही छिड़काव करा दे। लोग मर रहे हैं तो मरे, बीमारी हो रहे हैं तो उनकी बला से। शायद पालिका प्रशासन से ऊपर के कोई बाकी नहीं रह गया है। अब मुख्यमंत्री इस ओर ध्यान दे तो कुछ बात बने।
इतनी धूल कि बीमार हो जाए ठीक आदमी भी
तहसील रोड पर इतनी धूल उड़ रही है कि सही सलामत आदमी भी बीमार हो जाए। सुबह से शाम तक मकानों और दुकानों के आगे इतनी धूल जम जाती है मानों सालों से सफाई नहीं हुई है। यह धूल लोगों की सांसों के साथ फेफड़ों में जा रही है। जिससे लोगों की बीमार होना लाजिमी है। मगर कोई अधिकारी या एनजीटी ध्यान देने को तैयार नहीं है।
लगातार शिकायत के बाद भी नहीं सुनवाई
तहसील रोड के लोग लगातार अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं कि धूल ने जीना मुश्किल कर दिया है। कम से कम इस मार्ग पर पानी के छिड़काव की ही व्यवस्था करा दो। अधिकारी से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता है। आखिर में लोगों के फोन उठने बंद हो जाते हैं।
मंडी चमारान से भी नहीं ले रहे सबक
मंडी चमारान में सैकड़ों लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे हैं। कई लोगों की अब तक जान भी जा चुकी है। इसके पीछे लापरवाही ही सामने आ रही है। तहसील रोड पर लोग धूल खाकर बीमार होने की कगार पर हैं। मगर पालिका प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। मंडी चमारान से भी सबक लेने को तैयार नहीं है।
तहसील रोड पर पानी का छिड़काव कराने का काम किया जाएगा। जल्द पूरे मार्ग को अभियान चलाकर धुलवाने का काम किया जाएगा। ताकि लोगों को धूल से बचाया जा सके।
-शशि प्रभा चौधरी, ईओ सरधना

