- निकाय चुनाव से पहले रालोद ने बागपत जिलाध्यक्ष पद रामपाल धामा को मनोनीत किया
- पूर्व में डॉ. जगपाल तेवतिया थे जिलाध्यक्ष, चुनाव के बाद से कार्यकारिणी चल रही थी भंग
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: निकाय चुनाव से पहले रालोद ने बागपत में जिलाध्यक्ष पद पर गुर्जर दांव खेला है। यहां पार्टी के वरिष्ठ नेता रामपाल धामा को जिलाध्यक्ष पद पर मनोनीत कर जिले की कमान दी है। रालोद ने इससे पूर्व जाट पर दांव चला था। अब रामपाल धामा के सहारे गुर्जरों को साधने का प्रयास किया है।
विधानसभा चुनाव के बाद रालोद ने कार्यकारिणी भंग कर दी थी। पूर्वमें डॉ. जगपाल सिंह पार्टी के जिलाध्यक्ष थे। चुनाव के बाद उन्हें हटा दिया गया था। उनसे पूर्व सुखबीर सिंह गठीना जिलाध्यक्ष थे। हालांकि डॉ. जगपाल सिंह तेवतिया का कई बार विरोध भी हुआ, लेकिन पार्टी ने चुनाव तक कार्यकाल पूरा कराया था। कार्यकारिणी भंग होने के बाद पार्टी हाईकमान के दरबार में लगातार जिलाध्यक्ष पद के दावेदार पहुंच रहे थे। इस बार यहां जिलाध्यक्ष चेहरे का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा था। हालांकि निकाय चुनाव नजदीक आ रहे हैं और पार्टी द्वारा जिलाध्यक्ष मनोनीत न करने पर सवाल भी खड़े हो रहे थे। पार्टी के लोगों को भी जिलाध्यक्ष की घोषणा होने का इंतजार था।
अब पार्टी ने निकाय चुनाव से ठीक पहले जिलाध्यक्ष की घोषणा कर दी है। निबाली निवासी रामपाल धामा को बागपत जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है। रालोद ने यहां रामपाल धामा को बनाकर गुर्जर कार्ड चला है। कयास लगाए जा रहे हैं कि निकाय चुनाव और आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर यह दांव चला गया है। गुर्जरों का यहां काफी वोट बैंक है। उसे साधने के लिए यह दांव चला है। खतौली जीत से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है।
उधर, बता दें कि रामपाल धामा बागपत जनपद के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे स्व. धनपाल गुर्जर के भाई है। रामपाल धामा के बेटे श्रीकांत धामा रालोद के युवा जिलाध्यक्ष रहे हैं। रामपाल धामा पार्टी से लंबे समय से जुड़े हैं। अब देखना यह है कि रालोद का यह दांव कहां तक सफल होता है?

