- पिता की हत्या के बाद बीजेपी नेता योगेंद्र वर्मा पर भी हुआ था मुकदमा दर्ज
- तत्कालीन सपा सरकार पर फर्जी मुकदमा दर्ज करने का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: जनपद में 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगे के दौरान दर्ज हुए एक मुकदमे के मामले में मंगलवार को 9 आरोपी कोर्ट में पेश हुए, जिसमें गवाहों के कोर्ट में पेश ना होने के कारण जज ने अगली तारीख 7 जनवरी नियत कर दी है।
दरअसल जनपद मुजफ्फरनगर में 2013 में कवाल कांड के बाद नंगला मंदौड़ में हुई पंचायत खत्म होने के बाद जैसे ही लोग अपने अपने घरों को जा रहे थे, तो थाना भोपा क्षेत्र के जोली में गंग नहर पटरी पर घात लगाए बैठे संप्रदाय विशेष के लोगों ने पंचायत से वापस लौट रहे लोगों पर हमला बोल दिया था। जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जिनके शव भी गंग नहर के कई दिन बाद बरामद किए गए थे। वहीं कई लोग इस मामले में गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस प्रकरण में दर्जनों ट्रैक्टर भी जलाए गए थे।
इस घटना में थाना भोपा क्षेत्र के गांव भोकरहेड़ी निवासी किसान सोहन वीर सिंह की भी हत्या हुई थी, जिसका शव गंग नहर से 3 दिन बाद बरामद हुआ था। इस घटना में मृतक किसान सोहन वीर सिंह के पुत्र योगेंद्र वर्मा द्वारा मुकदमा लिखवा गया था। आरोप है कि तत्कालीन सरकार द्वारा बदले की भावना से उल्टा सोहन वीर सिंह के पुत्र योगेंद्र वर्मा सहित 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उसी मुकदमे की तारीख पर योगेंद्र वर्मा सहित 9 लोग कोर्ट में पेश हुए, मगर गवाहों के पेश न होने के कारण जज ने अगली तारीख 7 जनवरी नियत की है।

