Wednesday, May 20, 2026
- Advertisement -

One Rank One Pension पर उठने लगे सवाल

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: वन रैंक वन पेंशन (OROP) को लेकर दोबारा से सवाल उठने लगे हैं। सैन्य मामलों के विशेषज्ञ और एक्स-सर्विसमैन ग्रीवांस सेल के अध्यक्ष साधू सिंह का कहना है, सरकार ने इसे देने में इतनी देरी कर दी है कि अब उसकी वैल्यू उतनी नहीं रही।

हमारा पैसा रोका हुआ था, अब आठ साल बाद उसे दे रहे हैं, वह भी बिना ब्याज के। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 23 दिसंबर को ‘वन रैंक, वन पेंशन’ (One Rank One Pension) के तहत सशस्त्र बलों के पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों की पेंशन में पुनरीक्षण को एक जुलाई 2019 से मंजूरी दी है।

बतौर साधू सिंह, ओआरओपी को लेकर जो मूल घोषणा की गई थी, उसके तहत अभी दस फीसदी भुगतान का अंतर सामने आ रहा है। वह मिलेगा, नहीं मिलेगा, कोई नहीं जानता। कांग्रेस पार्टी के महासचिव (संचार) जयराम रमेश के मुताबिक, यूपीए सरकार ने 26 फरवरी, 2014 को जिस वन रैंक वन पेंशन की घोषणा की थी, रक्षा मंत्री द्वारा की गई यह घोषणा उसके शब्दशः और अंतर्निहित भावनाओं के अनुरूप कार्यान्वयन से कोसों दूर है।

23,638 करोड़ रुपये का किया जाएगा भुगतान

केंद्र सरकार की घोषणा के तहत 30 जून, 2019 तक सेवानिवृत्त होने वाले सशस्त्र बलों के कार्मिक कवर किए जाएंगे। 25.13 लाख से अधिक पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।

ओआरओपी के अंतर्गत जुलाई 2019 से लेकर जून 2022 तक के बकाये के रूप में 23,638 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। पुनरीक्षण के कार्यान्वयन से लगभग 8,450 करोड़ रुपये, जो 31 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) का अनुमानित अतिरिक्त वार्षिक व्यय होगा।

पूर्व पेंशनभोगियों की पेंशन, कैलेंडर वर्ष 2018 में समान सेवा अवधि के साथ समान रैंक में रक्षा बल के सेवानिवृत्त कर्मियों की न्यूनतम और अधिकतम पेंशन के औसत के आधार पर फिर से निर्धारित की जाएगी।

30 जून, 2019 तक सेवानिवृत्त होने वाले सशस्त्र बलों के कार्मिकों को ’01 जुलाई, 2014 से समय-पूर्व (पीएमआर) सेवानिवृत्त होने वाले को छोड़कर’ को इस पुनरीक्षण के तहत कवर किया जाएगा।

25.13 लाख से अधिक (4.52 लाख से अधिक नए लाभार्थियों सहित) सशस्त्र बलों के पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को लाभ होगा। निर्धारित औसत से अधिक पेंशन पाने वालों की पेंशन को संरक्षित किया जाएगा। यह लाभ युद्ध में शहीद होने वाले सैन्य कर्मियों की विधवाओं और दिव्यांग पेंशनरों सहित पारिवारिक पेंशनरों को भी दिया जाएगा।

चार छमाही किस्तों में किया जाएगा भुगतान

बकाये का भुगतान चार छमाही किस्तों में किया जाएगा। हालांकि, विशेष/उदारीकृत पारिवारिक पेंशन पाने वालों और वीरता पुरस्कार विजेताओं सहित सभी पारिवारिक पेंशनभोगियों को एक किस्त में बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा।

01 जुलाई, 2019 से लेकर 31 दिसंबर, 2021 तक के बकाये की गणना 01 जुलाई, 2019 से लेकर 30 जून, 2021 की अवधि के लिए डीआर 17 प्रतिशत और 01 जुलाई, 2021 से लेकर 31 दिसंबर, 2021 तक की अवधि के लिए 31 प्रतिशत के आधार पर की गई है।

यह राशि 19,316 करोड़ रुपये से अधिक है। 01 जुलाई, 2019 से लेकर 30 जून, 2022 तक कुल बकाया राशि लागू महंगाई राहत के अनुसार लगभग 23,638 करोड़ रुपये की होगी। यह व्यय ओआरओपी के मद में हो रहे व्यय के अतिरिक्त है। 1 जुलाई, 2014 से पेंशन में पुनरीक्षण के लिए 7 नवंबर, 2015 को नीति पत्र जारी किया गया था।

उक्त नीति पत्र में, यह उल्लेख किया गया था कि भविष्य में पेंशन हर पांच वर्ष में फिर से निर्धारित की जाएगी। ओआरओपी के कार्यान्वयन में आठ वर्षों में प्रति वर्ष 7,123 करोड़ रुपये की दर से लगभग 57,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

54 10

ओआरओपी का केस सुप्रीम कोर्ट में चला है

एक्स-सर्विसमैन ग्रीवांस सेल के अध्यक्ष साधू सिंह का कहना है, ओआरओपी को लेकर सरकार की इच्छाशक्ति कैसी रही है, यह अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ये केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। ओआरओपी का जो मूल स्वरूप है और जितना देने की बात कही गई है, उसमें अभी दस फीसदी का अंतर है।

यानी केंद्र सरकार ने 23 दिसंबर को जो घोषणा की है, उसके बाद भी पूर्व सैनिकों का दस फीसदी बकाया रहता है। सरकार ने दो दशक तक एक्स सर्विस मैन को संघर्ष करने के लिए मजबूर किया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 15 दिसंबर तक बकाया देने की बात कही थी।

बतौर साधू सिंह, केंद्र सरकार यूं ही नहीं मानी है। सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का केस भी लगा है। घोषणा में भी कई बातें स्पष्ट नहीं हैं। पैसा कब से देंगे, ये नहीं लिखा है। कोई तारीख नहीं बताई गई है। क्या नए बजट में दिया जाएगा, कुछ तय नहीं है। छह-छह माह के अंतराल पर चार किस्तों में देंगे।

ऐसे में तो 2024 के बाद भी दो किस्त बची रह सकती हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग जाएगी। तब यह भी कहा जा सकता है कि बाकी देय राशि का भुगतान नई सरकार में होगा। केंद्र सरकार को भुगतान की लंबी अवधि नहीं रखनी चाहिए।

पूर्व सैनिकों की आवाज उठाती रहेगी कांग्रेस

कांग्रेस नेता जयराम रमेश के अनुसार, मोदी सरकार ने पूर्व सैनिकों की पेंशन में संशोधन को लागू करने और उनके बकाए के भुगतान के लिए सर्वोच्च न्यायालय से चार बार समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। हाल ही में जब इस संशोधन को लागू करने की समय सीमा 15 दिसंबर 2022 को समाप्त हो रही थी, तब सरकार ने इससे बचने के लिए 14 दिसंबर 2022 को एक आवेदन दाखिल किया। अदालत में 15 मार्च, 2022 तक समय सीमा बढ़ाने की मांग की।

राहुल गांधी 21 दिसंबर को हरियाणा के फिरोजपुर-झिरका में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत पूर्व सैनिकों से मिलते हैं। राहुल गांधी उनकी मांगों का समर्थन करते हैं, जिसका व्यापक प्रचार होता है। दो दिन बाद ही कैबिनेट बैठक के बाद रक्षा मंत्री, बकाया राशि के भुगतान की घोषणा करते हैं।

यूपीए सरकार ने 26 फरवरी, 2014 को जिस वन रैंक वन पेंशन की घोषणा की थी, रक्षा मंत्री द्वारा की गई घोषणा उसके शब्दशः और अंतर्निहित भावनाओं के अनुरूप कार्यान्वयन से कोसों दूर है। कांग्रेस पार्टी, यूपीए सरकार द्वारा इस संदर्भ में जारी आदेशों के अनुसार वन रैंक वन पेंशन को लागू करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

PM Modi: देश को अलविदा कह गए भुवन चंद्र खंडूरी, पीएम मोदी ने जताया दुख

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार...
spot_imgspot_img