- अपहरण की कहानी पुलिस सहित ग्रामीणों को बताई
जनवाणी संवाददाता |
बढ़ापुर: थाना नजीबाबाद का एक युवक करीब डेढ़ माह पहले घर से काम पर निकला था जो अचानक लापता हो गया था जो शुक्रवार को देर रात्रि थाना क्षेत्र के गांव में पहुंचा जहां पर ग्रामीणों ने बदहवास युवक को पास के एक गांव में उसकी रिश्तेदारी में पहुंचा दिया। सवेरे थाना नजीबाबाद से केस की जांच कर रहे दरोगा घायल युवक को अपने साथ ले गए।
शनिवार को थाना क्षेत्र के गांव उमरपुर उर्फ इस्लामगढ़ में बंधक बनाए गए एक युवक के बंधन तोड़कर भाग आने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। बताया जाता है कि थाना नजीबाबाद के जबतागंज निवासी अशरफ पुत्र अब्दुल सलाम करीब डेढ़ माह पहले अचानक लापता हो गया था।
जिसके बाद युवक की पत्नी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर नजीबाबाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली थी। अशरफ थाना नगीना देहात के गांव कोटकादर में प्रॉपर्टी डीलर के साथ म्यूचल फण्ड का काम करता था। अशरफ ने बताया कि गत 14 सितंबर को जब अशरफ कोटकादर गया वहां पर अफसर नामक युवक जिससे पैसों का लेनदेन था अफसर द्वारा पैसे न देने की बात पर जब वह एफ आई आर कराने जा रहा था तभी उसके भाई आबिद ने उसको जमीन पर बुलाया जब वह जमीन पर पहुंचा तो वहां पर मौजूद चार पांच लोगों ने उसके साथ मारपीट कर बेहोश कर अपने साथ ले गए तथा तभी से वह उसको जगह बदल बदल कर रख रहे थे।
शुक्रवार की रात्री अशरफ बदहवास हालात में गांव शाहअलीपुर कोटरा पहुचा था। जहां पर उसने ग्रामीणों को बताया कि कुछ लोगो द्वारा उसका अपहरण कर लिया गया था। जिनसे किसी प्रकार वह छूट कर भाग आय है तथा वह लोग उसके पीछे है और उसकी जान को खतरा है। ग्रामीणों द्वारा पूछने पर अशरफ ने पास के गांव इस्लामगढ़ में रिश्तेदार की बात बताई जिस पर ग्रामीणों ने बदहवास अशरफ को उसके रिश्तेदारों के सुपुर्द कर दिया।
अशरफ के रिश्तेदारों में सकुशल पहुंचने की खबर परिजनों सहित अन्य रिश्तेदारों में आग की तरह फैल गई। सवेरे थाना नजीबाबाद के जबतागंज चौकी इंचार्ज राजेन्द्र कुमार अशरफ को लेने गांव इस्लामगढ़ पहुंच गये। जहां पर उन्होंने बताया कि अशरफ के खिलाफ कई लोगों द्वारा उनके पैसे न देने की शिकायत की गई है।
जिसमे थाना नगीना देहात में भी अशरफ के खिलाफ कुछ शिकायती प्रार्थना पत्र दिए गये जिस कारण अशरफ के लापता होने में संदेह प्रतीत होता है। यदि अशरफ का अपहरण हुआ तो यह चिंता का विषय है जिस कारण जहां से होते हुए अशरफ आया है वहां पर जाकर जांच की जाएगी।
कोटकादर निवासी आबिद का कहना है अशरफ ने कुछ माह पहले उसकी जमीन खरीदी थी तथा कुछ रकम आबिद को देने का बाद एग्रीमेंट करा लिया था तथा कुछ रकम बैनामा करने पर देनी तय की गई थी। परन्तु इससे पहले ही अशरफ लापता हो गया। जिसके बाद विवेचक राजेन्द्र कुमार अशरफ़ को लेकर गांव शाहअलीपुर कोटरा चले गये।

