जनवाणी ब्यूरो |
रुड़की: शहर से देहात तक हजारों महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखकर पति के दीर्घायु की कामना की। मोहल्लों और कालोनियों में एकत्रित होकर विवाहिताओं ने करवा चौथ की कथा सुनी। जबकि कुछ ने मंदिरों में जाकर इस व्रत का महत्व जाना। देर शाम चांद देकर व्रतियों महिलाओं ने जल ग्रहण कर व्रत खोला।
करवाचौथ को लेकर विवाहिताओं में भारी उत्साह रहा। तड़के स्नान आदि के बाद विवाहिताओं ने पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखा और दुल्हन की तरह श्रंगार किया। दोपहर में महिलाएं विभिन्न मोहल्लों एवं कालोनियों में एकत्रित होकर करवाचौथ की कथा सुनी। जबकि कई महिलाएं कथा सुनने मंदिरों में पहुंची। उसके बाद विवाहिताओं ने घर आकर पकवान बनाए और सास आदि को बायने के रूप में उपहार आदि दिए।
साथ ही सदा सुहागिन होने का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे दिन निर्जल व्रत रखने के बाद महिलाओं के चेहरे पर शिकन तक नजर नहीं आई। विभिन्न जगहों पर महिलाओं ने गीत आदि गाए। देर शाम जब चांद निकला तो विवाहिताओं के चेहरे खिल उठे। चांद का दीदार कर महिलाओं ने चांद का अर्घ्य दिया और पति के हाथ जल ग्रहण कर व्रत खोला। जिन महिलाओं के पति विभिन्न कार्यों से बाहर थे।
ऐसी महिलाओं ने वीडियो कॉलिंग कर पति का दीदार किया। जैसे ही चांद के दीदार हुए तो महिलाओं का उत्साह और भी बढ़ गया सभी ने व्रत खोलने के साथ ही आतिशबाजी शुरू कर दी। जिससे कि आसमान दूधिया रोशनी से नहा गया चारों ओर खुशियां छा गई। समाज सेविका मनीषा बत्रा ने सभी को करवा चौथ पर्व की शुभकामनाएं दी। विशेष पूजा अर्चना के दौरान उन्होंने करवाचौथ का महत्व बताया।

