- विरोध में थाने का घेराव, पुलिस पर घर की महिलाओं से अभद्रता का आरोप
- विरोध में भाजपाइयों ने क्राइम इंस्पेक्टर को लिया आड़े हाथ
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: भाजपा के पदाधिकारियों ने मंगलवार को थाने का घेराव करते हुए इंस्पेक्टर क्राइम को खूब खरी-खोटी सुनाई। आरोप था कि सोमवार रात इंस्पेक्टर क्राइम पुलिस बल के साथ शिवलोक पुरी में एक युवक के घर पहुंचे और घर में तोड़फोड़ करते हुए महिलाओं के साथ अभद्रता की।
इसके बाद एक युवक को हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया। परिजनों से मिलने भी नहीं दिया। पुलिस पर यहां तक आरोप लगाए गए कि दूसरे पक्ष से दो लाख रुपए लेकर युवक के घर में तोड़फोड़ की गई। युवक हिरासत में ले लिया गया। घंटों हंगामे के बाद इंस्पेक्टर क्राइम ने माफी मांगी और युवक को छोड़ दिया तब मामला शांत हुआ।
नवीन पुत्र भगवत प्रसाद निवासी शिवलोक पुरी मूल रूप से जेवरी गांव के रहने वाले हैं। सोमवार रात पुलिस ने नवीन को नंगलाताशी निवासी सोनू सैफी पुत्र अजगर सैफी की तहरीर पर हिरासत में ले लिया था। नवीन का कहना है कि पुलिस ने पूरे घर में तोड़फोड़ की सीसीटीवी कैमरे की लीड तोड़ी गई और डीवीआर निकाल दी गई। इसके बाद महिलाओं के साथ अभद्रता की गई और उसे हिरासत में ले लिया गया।
जब परिवार के लोग उससे मिलने थाने पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया। दरअसल, सोनू सैफी ने नवीन पर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी थी। मंगलवार सुबह भाजपा नेता और मेरठ व्यापार संघ के उपाध्यक्ष नीरज मित्तल, पंडित संजय त्रिपाठी, ठाकुर ओपी सिंह, पार्षद राजेश खन्ना, निशांक गर्ग, संजय चौधरी सहित अन्य लोग कंकरखेड़ा थाने पहुंच गए।
वहां पर उन्होंने क्राइम इंस्पेक्टर श्योपाल सिंह को आड़े हाथ ले लिया। भाजपाइयों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बिना जांच किए रंगदारी के मामले में नवीन को कैसे हिरासत में ले लिया। जबकि तहरीर देने वाला खुद आरोपी है और उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। नवीन के परिजनों ने कहा नवीन और सोनू सैफी मकान बनाकर बेचने का कार्य करते हैं।

छह महीने पूर्व किसी घटना में नवीन जेल चला गया था। इसी दौरान सोनू सैफी ने पीछे एक मकान बेच दिया। जेल से आने के बाद नवीन ने उससे अपने हिस्से के रूपए मांगे तो सोनू ने षड्यंत्र के तहत नवीन के खिलाफ तहरीर दे दी और उसे झूठा फंसाने का प्रयास किया।
पंडित संजय त्रिपाठी और नीरज मित्तल सहित अन्य भाजपाइयों ने क्राइम इंस्पेक्टर को जमकर लताड़ लगाई लगाई। हंगामा सुनकर अन्य पुलिसकर्मी भी आ गए और मामले को शांत करने का प्रयास किया। बाद में इंस्पेक्टर क्राइम ने हाथ जोड़कर माफी मांगी। जिसके बाद भाजपा के लग शांत हो गए और पुलिस ने नवीन को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
दो लाख रुपये लेकर घर में तोड़फोड़ करने का आरोप
भाजपाइयों ने थाने पहुंचकर कहा कि नवीन को हिरासत में लेने के लिए दूसरे पक्ष से दो लाख रुपये लिए गए हैं। जिस कारण पुलिस ने नवीन को तत्काल हिरासत में ले लिया और घर में तोड़फोड़ कर डाली।जबकि थाने में अन्य तहरीर दी जाती है तो उस पर जल्दी कोई सुनवाई नहीं होती।
एक-एक लाख रुपये लेकर थाने से छोड़ने का आरोप
थाने में हंगामा करते हुए भाजपाइयों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूब गई है। आरोपियों से एक एक या दो लाख रुपए में सौदा किया जाता है और उन्हें छोड़ दिया जाता है। भाजपा नेताओं ने कहा बीना सिंह नाम की महिला जो नशीले पदार्थों की तस्करी करती है और सट्टा भी खिलाती है।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और एक लाख रुपये लेकर छोड़ दिया। इसके अलावा एक भाजपा नेता के परिचित से थाने से बाइक लौटाने के नाम पर एक लाख रुपये कुछ दिन पूर्व ले लिए थे। भाजपाइयों का दो रूप कहना था कि पुलिस भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
थाने की एसओजी पर लगाया उगाही का आरोप
भाजपाइयों ने कहा कि थाने से जुड़े जो भी एसओजी के जवान हैं। वह अपराधियों को हिरासत में लेकर उनसे उगाही का कार्य कर रहे हैं। पुलिस किसी घटना के आरोप में किसी को भी हिरासत में लेती है और रुपए लेकर छोड़ देती है। इस तरह की घटनाएं पुलिस द्वारा ज्यादा बढ़ गई है।
हम भी धर्म कर्म करने वाले पुलिसकर्मी हैं
जब पंडित संजय त्रिपाठी क्रोध में बोल रहे थे और पुलिस की इस तरह की हरकत पर एतराज जता रहे थे। तब इंस्पेक्टर क्राइम श्योपल सिंह ने उन को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित जी हम भी धर्म और कर्म में विश्वास करते हैं। उसी आधार पर कार्य करते हैं। नवीन को केवल शिकायत के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। किसी व्यक्ति से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।

