- अब भी आंखों में बसा है विक्टोरिया पार्क अग्निकांड
- कंज्यूमर मेले में 65 लोगों की हुई थी मौत
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बांटा गया था मुआवजा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: 17 साल यानि 10 अप्रैल 2006 की शाम और दिनों की तरह नहीं थी। इस शाम को विक्टोरिया पार्क में लगे कंज्यूमर मेले के पंडाल में लगी भीषण आग ने न केवल बेरंग कर दिया था बल्कि पार्क को श्मशान घाट में तब्दील कर दिया था। भीषण अग्निकांड में 65 लोगों की मौत हुई थी और 161 लोग घायल हुए थे। हर साल मृतकों के परिजन 10 अप्रैल को विक्टोरिया पार्क में बने स्मारक पर एकत्र होकर हवन करके श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
विक्टोरिया पार्क में लगा कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मेला खत्म होने की ओर बढ़ रहा था और सभी लोग स्टॉल्स से लोग अपना सामान समेटना शुरू कर चुके थे। मेले में तीनों दिन बहुत भीड़ रही थी। शहर में पहली बार कोई बड़ा बिजनेस मेला जो लगा था। अप्रैल की गर्मी में जब तापमान 35 डिग्री के करीब था, उस वक्त मेले के समापन के 15 मिनट पहले भी वहां करीब ढाई हजार लोग एकत्र थे।
तभी उठी एक चिंगारी ने मौत का मंजर पैदा कर दिया और देखते-देखते चारों तरफ से चीखें और मदद के लिये आवाजें आने लगी। जब फायर ब्रिगेड और अन्य साधनों से आग पर काबू पाया गया तो राख हुए पंडाल में बुरी तरह से जले हुए शव पड़े दिखे जिनको पहचानना किसी के वश की बात नहीं थी। इस वीभत्स आग में 64 लोगों की जान चली गई थी। 161 लोग घायल थे, जिनमें 81 लोगों की हालत बेहद गंभीर थी।
कुछ दिन बाद गंभीर घायलों में से एक और ने दम तोड़ दिया और मौत का आंकड़ा 65 हो गया था। इस भीषण अग्निकांड में उचित मुआवजे की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से एडीजे रैंक के अधिकारी को नामित करने का निर्देश दिया था।

पीड़ितों ने संजय गुप्ता की अगुवाई में विक्टोरिया पार्क अग्निकांड राहत कल्याण समिति का गठन किया था। संजय गुप्ता और अन्य पीड़ितों की ओर से 2006 में ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसको लेकर न्यायिक जांच आयोग का भी गठन हुआ था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी विशेष जांच समिति ने भी रिपोर्ट दी थी। सुप्रीम कोर्ट में पीड़ितों, आयोजकों और सरकार की ओर से बहस भी पूरी हो गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था।
याचिकाकर्ता का कहना है कि पीड़ितों को उपहार कांड की तर्ज पर मुआवजा मिले। दिल्ली के उपहार सिनेमा कांड में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पीड़ितों को 20-20 लाख का मुआवजा दिया गया था। विक्टोरिया पार्क अग्निकांड में तीन स्तरों पर अब तक पीड़ितों को पांच लाख, दो लाख और एक-एक लाख की आर्थिक सहायता मिली है। पीड़ितों का मानना है कि उन्हें उपहार सिनेमा कांड की तरह इंसाफ मिले।
विक्टोरिया पार्क हादसा: एक नजर
- 6 अप्रैल 2006-विक्टोरिया पार्क में कंज्यूमर मेले का उद्घाटन।
- 10 अप्रैल 2006-विक्टोरिया पार्क में अग्निकांड। 64 लोग मारे गए।
- 4 मई 2012 को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा उपहार की तर्ज पर मुआवजा दे सरकार।
- 9 मई 2012 को सरकार ने मुआवजे के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांगी थी दो महीने की मोहलत।
- वर्ष 2016-सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया।
- 22 मार्च 2022-सुप्रीम कोर्ट में मुआवजे को लेकर लगातार सुनवाई के आदेश।

