- बुधवार को तीन लोगों की मौत, संक्रमित मरीजों का आंकड़ा पहुंचा 14 हजार से ऊपर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना संक्रमण से अब तक मेरठ में 325 की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर संक्रमित मरीजों की संख्या मेरठ में चौदह हजार से ऊपर जा पहुंची है। बुधवार को तीन संक्रमितों की उपचार के दौरान मौत हो गयी। सीएमओ डा राजकुमार ने बताया कि 3 संक्रमितों की मौत हुई है तथा 168 नए केस भी मिले हैं। उन्होंने बताया कि 3668 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। जिनमें से 168 संक्रमित पाए गए।
इसके अलावा उपचार के दौरान तीन मरीजों की मौत भी हो गयी। उन्होंने बताया कि जो भी संक्रमित केस मिल रहे हैं तथा जिनका सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग इलाज करा रहा है उनके उपचार में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। जहां तक रिकबरी रेट का सवाल है तो उसमें काफी सुधार हुआ है। लेकिन मौतें हो रही है।
यह गंभीर बात है। मौतों के लिए कई कारणों को स्वास्थ्य विभाग खासतौर से मेडिकल प्रशासन जिम्मेदार मान रहा है। मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि वह काफी समय से बता रहे हैं कि दूसरे अस्पतालों से लास्ट स्टेज में भेजे जाने वाले मरीजों की वजह से मेडिकल का मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है।
उपाध्यक्ष के परिवार के क्वारंटाइन होने की चर्चा
कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष के परिवार के कोरोना संक्रमण के चलते क्वारंटाइन होने की चर्चा सुनने में आयी है। हालांकि जनवाणी इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। लेकिन कैंट बोर्ड कार्यालय में भी गुरुवार को इसको लेकर कर्मचारियों में खासी सुगबुगाहट सुना दी। लेकिन कहीं से भी इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।
सीएमओ आफिस में हड़कंप, डीपीओ की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई
स्टाफ के लगातार कोरोना की चपेट में आने से सीएमओ आफिस में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को आफिस के जिला प्रोजेक्ट मैनेजर यानि डीपीओ मनीष कुमार के कोरोना सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। यह कोई पहला मामला नहीं। इससे पहले भी करीब दर्जन भर बताए जा रहे संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
सीएमओ आॅफिस के जिन लोगों को कोरोना का डंक लगा है उनमें पांच एसीएमओ के अलावा कार्यालय के जिला एकाउंट आफिसर पुष्पेन्द्र कुमार व उनका सहयोगी धर्मेन्द्र भी शामिल है। वहीं यदि एसीएमओ की बात की जाए तो इनमें बड़ा नाम डा. पूजा एसीएमओ आर का है। इनके अलावा डा. प्रवीण गौतम, डा. एसएस चौधरी, डा. एसके सिंह भी संक्रमितों की सूची में शामिल हैं।
मनीष नाम के एक अन्य कर्मचारी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। सीएमओ आॅफिस में कोरोना संक्रमण के लगातार आ रहे केसों की वजह से तमाम कर्मचारी दहशत में है। जो हालात बने हुए हैं उससे साफ है कि स्टाफ में कोरोना संक्रमण की चेन बन गयी है। जिसके चलते आए दिन कोई न किसी न किसी स्टाफ की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। कर्मचारियों सबसे ज्यादा डर इस बात का सताता है कि कहीं वो कोरोना के करियर न बन जाएं।
उनकी मार्फत संक्रमण का वायरस परिवार तक न पहुंच जाए। कोरोना संक्रमण के लगातार केसों के बाद भी सीएमओ कार्यालय को सेनेटाइज किए जाने के लिए बंद न किए जाने पर भी सवाल खडे हो रहे हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत संविदा कर्मचारियों की है। ऐसे कर्मचारियों को केस आने के बाद भी काम पर बुलाया जा रहा है।

