Sunday, March 15, 2026
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पराग डेयरी: करोड़ों खर्च, जिम्मेदार कौन?

  • लापरवाही का विस्तारीकरण प्रोजेक्ट: अखिलेश यादव सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट का है मामला
  • योगी सरकार के दूसरे ट्रम में भी नहीं मिल रही तव्वजो
  • मेरठ की जगह अमूल डेयरी प्लांट का बड़ा प्रोजेक्ट बागपत सांसद के प्रयास से बागपत में हो गया शिफ्ट

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: यूपी सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए समिट प्रत्येक वर्ष कर रही हैं, लेकिन 250 करोड़ की अत्याधुनिक मशीन पराग के लिए सरकार ने खरीदकर दी, लेकिन ये मशीन कबाड़ हो रही हैं। 2016 से ये प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया। इस प्रोजेक्ट के चालू होने से हजारों हाथों को रोजगार मिल सकता था, लेकिन लापरवाही कहां हो रही हैं?

शासन स्तर से इसमें हस्तक्षेप क्यों नहीं हुआ? पराग के पास पर्याप्त मात्रा में जमीन और बिल्डिंग हैं, लेकिन प्रोजेक्ट के लिए आयी मशीनें नहीं चलाई गयी। पशुपालन करने वालों के लिए ये प्रोजेक्ट मुफीद साबित होता, लेकिन प्लांट की दुर्गति के लिए आखिर जिम्मेदार कौन हैं?

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सपा सरकार में दूग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने एवं दुग्ध कारोबार से जुडेÞ किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पराग डेयरी के जिस ड्रीम प्रोजेक्ट के विस्तारीकरण की शुरुआत वर्ष 2016 में कराई थी। वह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी उपेक्षा का शिकार है, जिसमें इस प्लांट के विस्तारीकरण के होने से जहां दुग्ध कारोबार से जुड़े करीब पांच जनपद के किसानों को फायदा होना था।

वहीं, हजारों युवाओं को रोजगार भी मिलता, लेकिन योगी के दूसरे ट्रम में भी ये प्रोजेक्ट सीरे नहीं चढ़ सकी। 200 करोड़ से अधिक की लागत का यह प्रोजेक्ट अब एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की भेंट चढ़ गया है। परतापुर के गगोल में सरकार द्वारा पराग डेयरी का चार लाख लीटर प्रतिदिन की खपत की क्षमता का प्लांट लगाया गया था। जिसमें वर्ष 2016 में तत्कालीन सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के द्वारा इस पराग डेयरी में चार लाख लीटर की क्षमता वाला दूसरा प्लांट विस्तारीकरण के रूप में शुरू कराने की घोषणा की।

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जिसमें इसके लिए करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत कर दिया। जिसमें भवन निर्माण का कार्य तेजी से शुरू हुआ ओर यहां तक की अधिकतर मशीने भी मंगवा ली गई। प्रदेश में वर्ष 2017 में भाजपा सरकार सत्ता में आई तो हवाई पट्टी प्लांट के नजदीक होने के कारण इस प्रोजेक्ट को रोक दिया गया। जिसमें एयरपोर्ट के लिए पर्याप्त जगह न होने की बात कहते हुए इस प्लांट का निर्माण रोक दिया गया।

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और एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया, लेकिन उसके बाद चर्चा रही की प्लांट के अंदर कार्य जारी रहा ओर करीब 70 से 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन योगी सरकार ने सपा सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को सिरे नहीं चढ़ने दिया। यहां तक की मेरठ में अमूल्य डेयरी का एक बड़ी क्षमता वाला प्लांट लगने के लिए आया, जिसमें उसके लिए भूमि का चयन भी कर लिया गया।

जिसमें उसके निर्माण के लिए अधिकतर प्रक्रिया पूरी कर ली गई, लेकिन बाद में वह प्लांट बागपत लोकसभा सीट के सांसद सतपाल मलिक अपनी संसदीय क्षेत्र बागपत में ले गए। जिसमें जनपद में जो दुग्ध कारोबार से जुडेÞ लोग एवं पशुपालकों को जो लाभ मिलना था, वह नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 800 इकाई मेरठ परिक्षेत्र में लगाने की बात समिट की बैठक में कहते थे, लेकिन वह धरातल पर परवान चढ़ती दिखाई नहीं दे रही है।

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जिसमें पराग डेयरी व अमूल डेयरी की योजना यदि सीरे चढ़ती तो दुग्ध कारोबार से जुडेÞ किसानों को उसका लाभ होता। वहीं, हजारों युवाओ को रोजगार भी मिलता, लेकिन दोनो ही बडेÞ प्रोजेक्ट अधर में लटकने से जनता खुद को ठगा-सा महसूस कर रही है। फिलहाल पराग डेयरी का यह बड़ा प्रोजेक्ट सिरे चढ़ता दिखाई नहीं दे रहा है।

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