- जर्जर विद्युत पोल बन सकते हैं बड़े हादसों का सबब
- शहर में कई स्थानों पर तारों पर झूल रहे पोल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: राली चौहान हादसा लोगों को बहुत गहरा जख्म दे गया। विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के चलते बागपत रोड पर कई जर्जर विद्युत पोल बड़े हादसों का संकेत दे रहे हैं। ऐसे में जर्जर तथा सड़े हुए खंभों की वजह से कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है। बागपत और लिसाड़ीगेट रोड पर निकलने का मतलब है कि जान हथेली पर रखकर घूमना है।
यहां हर पल सिर पर मौत मंडराती रहती है, लेकिन हुक्मरानों को शायद किसी बड़े हादसों को इंतजार है। क्रांतिधरा में सड़े-गले विद्युत पोल हादसों को खुलेआम दावत दे रहे हैं। हर महीने सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत दावों को खोखला साबित कर रही है।

शहर में कई स्थानों पर जर्जर विद्युत पोल जानलेवा साबित हो रहे हैं। आए दिन टूटने वाले विद्युत पोलों को लेकर परेशान नागरिकों की शिकायतों पर भी विद्युत विभाग नजरअंदाज करता दिखाई दे रहा है। ऐसा लगता है कि शायद उन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार है। कई जगहों पर इस तरह के खतरनाक दृश्य देखे जा सकते हैं। शहर में लगे ज्यादातर विद्युत पोल कई दशक से भी पुराने हैं। अब वे बहुत ही जीर्ण-शीर्ण व जर्जर हालत में हो चुके हैं।
जबकि हर समय हादसे की आशंका भी बनी रहती है। बिजली के पोल जगह-जगह झूलने के कारण शहरवासी स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नगर के कई स्थानों पर झूलते और झुके विद्युत पोल के कारण हादसा होने का अंदेशा बना हुआ है। आबादी क्षेत्र में झुके व पूर्णरूप से गल चुके पोलों की जगह नए पोल लगवाने में बिजली निगम अभी शायद रुचि नहीं ले रहा है।

जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। एक ऐसा ही लापरवाही का नजारा बागपत बाइपास के निकट देखने को मिला। जहां कई जगहों पर हाइटेंशन लाइन के लोहे के विद्युत पोल इतने जर्जर हो चुके हैं कि किसी भी समय हल्के से हवा के झोंके के साथ जमीन पर गिर सकते हैं।
और बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता। कुछ जगहों पर तो जर्जर पोल को हटवाकर नया लगवाने की जगह उसके बराबर में दूरा पोल सपोर्ट के रूप में खड़ा जरूर किया है, लेकिन तेज हवा या अंधड़ के दौरान ऐसे जर्जर पोल को गिरने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
नागरिकों के सिर पर मंडरा रहीं मौत
महानगर में विद्युत निगम की लापरवाही के चलते हाइटेंशन लाइन के जर्जर विद्युत पोल बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। कई जगहों पर जर्जर विद्युत पोल के साथ उसकी सपोर्ट में दूसरा पोल खड़ा किया है, लेकिन नया पोल नहीं बदलवाया गया। कुछ जगहों पर जर्जर पोल के सहारे ही विद्युत लाइन चल रही है और ऐसी जगहों पर किसी बड़े हादसे के होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।

बागपत बाइपास के निकट भी कई लोहे के पोल ऐसे हैं, जो नीचे से जर्जर हो चुके हैं कि वह केवल विद्युत तारों पर ही झूल रहे हैं। करीब आधा दर्जन से अधिक पोल जर्जर हालत में है और तेज हवा के झोंके या बारिश एवं अंधड़ में किसी भी समय जमीन पर गिर सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्युत निगम को चाहिए की वह हादसा होने से पूर्व समय रहते ऐसे जर्जर विद्युत पोल को चिन्हित कराकर उनकी जगह नये विद्युत पोल लगवाये, ताकि कोई बड़ा हादसा होने से पहले ही रोका जा सके।

