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डीएम आफिस का बाबू बना कॉलोनाइजर !

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डीएम आफिस का बाबू बना कॉलोनाइजर !

यहां तहजीब बिकती है यहां फरमान बिकते हैं। जरा तुम दाम तो बोलो यहां ईमान बिकते हैं।
किसी कवि की यह पंक्तियां वाकई में सच साबित हो रहा है। वेस्ट यूपी की कैपिटल कही जाने वाली क्रांतिधरा पर कुछ सरकारी कर्मचारी अब दाग लगा रहे हैं। बेदाग और क्रांतिवीरों की धरती को बदनाम करने की कसरत की जाने लगी है, मगर डीएम दीपक मीणा को भी मालूम है कि ऐसे लोगों से कैसे निपटना है ? मामला संज्ञान आते ही जिलाधिकारी ने फौरन जांच का फरमान जारी कर दिया। साथ ही ‘जनवाणी’ से बातचीत में बताया कि किसी भी सूरत में करप्शन बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम दीपक मीणा ने कहा कि आरोपी बाबू के विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश दिए जा चुके हैं, सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • बैंक में बंधक जमीन को करोड़ों में बेचा, कॉलोनी पर पांच करोड़ का लोन बकाया

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: डीएम कार्यालय में तैनात एक बाबू पर गंभीर आरोप लगे हैं। बाबू ने एक व्यापारी के मिलकर करीब नौ हजार गज की जमीन पर अवैध कॉलोनी की प्लॉटिंग की है। इस प्लॉटिंग के जरिए बाबू ने 70 से अधिक लोगों को बाकायदा 3900 रुपये प्रति गज की दर से प्लॉट को बेच भी दिया। प्लॉट के खरीदार जब जमीन पर कब्जा करने और निर्माण करने जाने लगे तभी बैंक ने कब्जाधारकों को निर्माण और कब्जा करने पर रोक लगाते हुए नोटिस चस्पा कर हैरत में डाल दिया।

जब प्लॉट के खरीदार बैंक गए तो पता चला कि इस पूरी जमीन पर पांच करोड़ रुपये का लोन बकाया है। मजे की बात ये है कि जमीन अनुसूचित जाति की और पट्टे की बताई जा रही है। हालांकि मामला संज्ञान में आते ही डीएम दीपक मीणा एक्टिव मोड में आ गए और उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए बाबू के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दे दिए हैं।
बता दें कि डीएम आफिस में तैनात बाबू विपिन कुमार ने एक व्यापारी से मिलकर बड़ा खेल कर दिया।

बाबू विपिन कुमार ने व्यापारी के सांठगांठ कर रोहटा रोड स्थित लखवाया से सरधना मार्ग पर स्थित गांव घसौली में 9000 गज की एक अवैध कॉलोनी काट दी। इतना ही नहीं बाबू ने इस अवैध कॉलोनी को 70 से अधिक लोगों को 3900 रुपये प्रति गज की दर से बेच भी दिया। बाबू विपिन कुमार और उसके व्यापारी साथी की पोलपट्टी तब खुलनी शुरू हो जब प्लॉट के खरीदार अपने-अपने प्लॉटों पर कब्जा कर निर्माण करने लगे।

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कई प्लॉटों पर जब उनके खरीदार निर्माण करने लगे तभी पंजाब नेशनल बैंक ने अवैध कॉलोनी में हो रहे निर्माण और कब्जा के खरीद फरोख्त पर रोक लगाने का नोटिस चस्पा कर दिया। नोटिस चस्पा होते ही खरीदारों में हड़कंप मच गया। कुछ खरीदारों ने जब बैंक जाकर मालूम किया तो पता चला कि अवैध कॉलोनी पर पांच करोड़ का लोन चल रहा है।

अनुसूचित जाति की जमीन पर अवैध कॉलोनी का खेल

बाबू विपिन कुमार ने एक व्यापारी के साथ मिलकर अनुसूचित जाति की पट्टे जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर उसे बेच डाला। पट्टे की जमीन और अनुसूचित जाति जमीन की खरीद बिक्री कैसे कर ली गई? यह बड़ा सवाल है। यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

मुख्यमंत्री और एसएसपी से हुई है शिकायत

पीड़ितों का आरोप है काफी दिन पहले इसकी शिकायत वो सभी लोग मुख्यमंत्री के साथ जिले के एसएसपी से भी शिकायत कर चुके थे, मगर आरोपी बाबू के खिलाफ कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ितों का दावा है कि बाबू और उसके पत्नी के खातों में जमीन के पैसे भेजने का भी आरोप है।

आरोपी ने कही ये बात

विपिन कुमार, जे-1 बाबू इंग्लिश कलक्ट्रेट ने बताया कि व्यापारी ने मेरे नाम पॉवर आफ अटॉर्नी कर दी थी। कई लोगों का पैसा मुझे दिया गया है। इस जमीन पर अवैध कॉलोनी काटी गई है, यह नहीं मालूम है। जमीन पर बैंक लोन है, जिसे जल्द चुकता कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को जमीन या उनके पैसे दे दिए जाएंगे। मैं पॉवर आफ अटॉर्नी भी रद्द करा दूंगा।

यह प्रकरण संज्ञान में है, पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बाबू के खिलाफ विभागीय जांच कराने के भी निर्देश दिए जा चुके हैं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -दीपक मीणा, डीएम मेरठ