Monday, March 30, 2026
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सेटिंग के बाद एक बार फिर से शुरू हुआ निर्माण कार्य

  • निगम एवं मेडा की टीम ने जिन जगहों पर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी
  • वहां पर फिर से निर्माण कार्य शुरू

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम एवं मेडा की टीम के द्वारा हाल ही में बडे स्तर पर अभियान चलाकर अवैध निर्माण पर कार्रवाई करते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की थी। ऐसी जगहों पर सेटिंग के बाद फिर से अवैध निर्माण शुरू हो गया है। लेकिन इस बार कुछ जगहों पर दिन तो कुछ जगहों पर रात्रि के समय में अवैध निर्माण किया जा रहा है। मुख्य रूप से बागपत रोड पर गंगा कॉलोनी एवं पुलिस चौकी के निकट हास्पिटल के बराबर में निर्माण जारी है। उधर बागपत रोड पर ही सिमेंट गोदाम के ठीक सामने जिस जगह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी,वहां पर फिर से निर्माण शुरू हो गया है।

शासन की सख्ती के बाद नगर निगम एवं मेडा के द्वारा अवैध निर्माणों पर एक बडे अभियान की शुरूआत की। जिसमें टीम के द्वारा पहले अवैध निर्माणों को चिन्हित करने का कार्य किया गया। उसके बाद अवैध निर्माण को लेकर चेतावनी दी गई, लेकिन अवैध निर्माण नहीं रूका तो फिर सीलिंग ओर उसके बाद कुछ जगहों पर तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तक कर दी गई, लेकिन ऐसा क्या हुआ ऐसी ही कुछ विवादित जगहों पर जहां पर कडी कार्रवाई की गई ओर वहां पर फिर से निर्माण कार्य शुरू हो गया।

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जिसमें बागपत बाइपास रोड पर गंगा कॉलोनी के मुख्य गेट के निकट एक दुकान को तोड़कर जैसे ही बिना मेडा के नक्सा पास कराए अवैध निर्माण शुरू किया तो वहां पर मेडा की टीम जा पहुंची। टीम ने वहां निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों को भगा दिया ओर वहां पर निर्माण करा रहे संचालक को भी निर्माण नहीं करने की चेतावनी देकर टीम लोट गई। जिसमें करीब एक सप्ताह तक तो निर्माण कार्य रूका रहा, लेकिन उसके बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू हो गया। जिसमें चर्चा है कि बिना सेटिंग के अवैध निर्माण फिर से कैसे शुरू हो सकता है।

उधर बागपत बाइपास पर ही मलियाना चौकी के निकट हास्पिटल है,उसके बराबर में मुख्य रास्ते की तरफ तिरपाल डालकर निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मेडा की टीम के द्वारा पूर्व में इस निर्माण को अवैध बताते हुए रोके जाने की बात कही जा रही है। वहीं बागपत बाइपास रोड पर सिमेंट गोदाम के ठीक सामने कॉलोनी में फिर से निर्माण शुरू हो गया है। जिस जगह पर रास्ते पर बिछाई गई टायल को उखाडा गया था, कुछ भवन भी ध्वस्त किए गए थे,

लेकिन दो मंजिला भवन को छोड़ दिया गया था,जिसमें उस समय न तो गेट लगे ओर न ही फर्नीचर आदि लग सका था, लेकिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के कुछ दिन बाद वहां पर फिर से टायल्स बिछाकर रास्ता तैयार कर दिया गया, दो मंजिला मकान पर गेट आदि लगा दिया गया फर्नीचर भी तैयार किया जा रहा है। यह सब सेटिंग के बूते अवैध निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आखिर कैसे वह अवैध निर्माण कुछ समय बाद ही वैध हो सकता है।

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