- सर्वशिक्षा अभियान के तहत सरकार करोड़ों रुपये कर रही खर्च
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, लेकिन बच्चों को जब जीवन यापन के लिए सड़कों पर भीख मांगते देखा जाता है तो ऐसा लगता है कि सरकारों द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए शुरू की गई करोड़ों की योजनाओं का लाभ इन बच्चों तक नहीं पहुंच रहा है। सर्वशिक्षा अभियान के तहत सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन फिर भी भारी संख्या में बच्चों को सड़कों पर भीख मांगते हुए देखा जा सकता है, जिससे पता चलता है कि इन योजनाओं का लाभ इन बच्चों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
शहर के कुछ इलाकों में जैसे बेगमपुल लालकुर्ती मार्केट, रोडवेज, हापुड़ अड्डा इन जगहों पर तो ऐसे भीख मांगने वाले बच्चों की जैसे बाढ़ ही आ गई है। इनमें झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों की संख्या अधिक होती है। सड़कों पर पाया गया कि छोटे-छोटे बच्चे जिनकी उम्र स्कूल जाने की है वह एक साथ सड़कों पर भीख मांगते हैं ई-रिक्शा में आने जाने वाले लोगों को पड़कर जब तक वो उन्हें कुछ नहीं देते उन्हे छोड़ते ही नहीं है

और गाड़ियों के शीशे साफ करके वाहन चालक से पैसे मांगते हैं और यदि वाहन चालक उन्हें पैसे नहीं देते तो वह गाड़ी के शीशे गंदे पानी से फिर से गंदा कर देते हैं। यह हमारे देश के लिए काफी शर्म की बात तो है ही कि भारी तादाद में बच्चे सड़कों पर भीख मांगते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इससे आम जनता भी काफी परेशान है क्योंकि आने जाने वाले लोगों को यह बच्चे जबरदस्ती पकड़ कर पैसों की मांग करते हैं
भीड़ भाड़ वाली जगह पैसे लेने के चक्कर में कई बार चलती ई-रिक्शा और बसों से दुर्घटना भी हो सकती है और इतना ही नहीं मेरठ बेगमपुल की सड़को के डिवाइडर पर इन्होंने अपना बसेरा बना लिया है और वहां इतनी गंदगी रहती है कि इन्होंने और अधिक प्रदूषण को बढ़ावा दिया है। इस ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है लोगों की मांग है कि सरकारों को ध्यान देने की अति आवश्यकता है, इसलिए प्रशासन इस ओर ध्यान दें।

