जनवाणी ब्यूरो
शामली: केंद्र और राज्य सरकारों की निजीकरण की नीति के विरोध में जनपद के विद्युत कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियर और अभियंताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। शामली में खेडी करमू बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन करते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र. के पदाधिकारियों ने बताया कि कोविड महामारी के बीच केंद्र सरकार और कुछ राज्य सरकारें बिजली वितरण का निजीकरण करने पर तुली हैं।
जिसके विरोध में देशभर में विद्युत कर्मचारी प्रदर्शन कर रोष व्यक्त कर रहे हैं। इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2020 और बिजली वितरण के निजीकरण के स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्युमेंट को निरस्त करने की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि उक्त बिल के अनुसार लागत से कम मूल्य पर किसी को भी बिजली नहीं दी जाएगी और सब्सिडी समाप्त कर दी जाएगी।
वर्तमान में बिजली की लागत लगभग 7.90 रुपये प्रति यूनिट है और कंपनी एक्ट के अनुसार निजी कंपनियों को कम से कम 16 प्रतिशत मुनाफा लेने का अधिकार होगा। जिसका अर्थ यह हुआ कि उपभोक्ता को 10 रुपये प्रति यूनिट से कम पर बिजली नहीं मिलेगी। विद्युत कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह वापस न की गई तो राष्ट्र व्यापी हड़ताल की जाएगा।

