- आवेदकों के पीने के लिए नहीं है पानी की उचित व्यवस्था
- शासन की नई गाइडलाइन के बाद आवेदको की 20 से संख्या हुई 40
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोविड-19 के नियमों के अनुरूप लॉकडाउन अवधि से बंद पड़े पासपोर्ट कार्यालय को अनलॉक प्रक्रिया के तहत दो माह पूर्व खोल दिया गया था। जिससे मेरठ सहित आसपास के आवेदक नियमों के अनुरूप अपने पासपोर्ट बनवा सकें।
वहीं, पासपोर्ट कार्यालय को खुले हुए दो साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन आज भी पासपोर्ट आफिस सुविधाओं के इंतजार में है। कहने को तो पासपोर्ट आफिस विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आता हो। मगर आवेदकों के पानी पीने तक के लिए आफिस में व्यवस्था नहीं हैं।
अब प्रतिदिन 40 आवेदकों के बनेंगे पासपोर्ट
लॉकडाउन अवधि से बंद पडे पासपोर्ट कार्यालय को कोविड-19 के नियमों के अनुरूप खोलते हुए आवेदकों की संख्या को 80 से सिर्फ 20 कर दिया था। जिससे संक्रमण न फैले। मगर अब शासन ने संख्या को बढ़ाते हुए 40 कर दिया है।
जिससे ज्यादा से ज्यादा आवेदक नियमों का पालन करते हुए अपने पासपोर्ट बनवा लें। बता दें कि पहले मेरठ सहित अन्य जिलों के आवेदक को पासपोर्ट बनवाने के लिए गाजियाबाद जाना पड़ता था। जिससे कि आवेदकों का काफी समय बर्वाद होता था, लेकिन सिटी डाकघर एवं विदेश मंत्रालय के बीच साइन हुए एमयू के बाद मेरठ में भी पासपोर्ट आफिस का शुभारंभा हुआ।
जिसमें डाक विभाग द्वारा पासपोर्ट आफिस के लिए बिल्डिंग उपलब्ध करायी गई। तभी से दोनों के बीच सुविधाओं को लेकर अंसमजस बना रहता है। जिससे आवेदकों को परेशानी होती हैं।