Wednesday, March 25, 2026
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परीक्षा पेपर गैंग के सरगना को भेजने वाला डाक्टर भी गिरफ्तार

  • टीसीआई कंपनी के सील बाक्स को खोलने वाला डा. शुभम मंडल मुख्य किरदारों में एक
  • एसटीएफ मेरठ यूनिट ने पूछताछ को डा. शुभम मंडल को बिहार से था बुलाया

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीककांड में एसटीएफ ने शनिवार को इस साजिश का एक और आरोपी डा. शुभम मंडल गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ मेरठ यूनिट ने यह गिरफ्तारी की है। एएसपी एसटीएफ ब्रिजेश सिंह ने बताया कि डा. शुभम मंडल को पूछताछ के लिए मेरठ बुलाया गया था। पूछताछ में उसकी भूमिका पेपर लीककांड में पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक कांड में एसटीएफ का दबोचो और जेल भेजो अभियान जारी है। परीक्षा पेपर गैंग को गैंग के मुख्य सरगना को भेजने वाले डा. शुभम मंडल को एसटीएफ ने दबोच लिया है। परीक्षा पेपर लीक कांड में प्रयुक्त किए गए दो मोबाइल भी उससे बरामद किए गए हैं।

पांच मार्च से शुरू सिलसिला जारी

पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने वालों की गिरफ्तारी का सिलसिला एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने पांच मार्च से शुरू किया था। एएसपी एसटीएफ ने जानकारी दी कि पांच मार्च को दीप उर्फ दीपक पुत्र दिनेश निवासी दोपहिया रोड पठानपुरा कंकरखेड़ा, बिट्टू पुत्र दयाराम निवासी ग्राम अलीपुर सरधना, प्रवीण पुत्र ओमपाल निवासी नंगलाताशी, रोहित ऊर्फ ललित पुत्र विनोद निवासी गोलाबढ़ टीपीनगर, नवीन पुत्र सलेख चंद निवासी शोभापुर कंकरखेड़ा, साहिल पुत्र अमरनाथ निवासी शोभापुर सबसे पहले दबोच कर जेल भेजा गया था।

इसके बाद 12 मार्च को बड़ी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ मेरठ यूनिट ने महेन्द्र पुत्र रामफल निवासी बराह खुर्द कोतवाली जदिं हरियाणा तथा 14 मार्च को अभिषेक शुक्लापुत्र ब्रह्मदेवी शुक्ला निवासी विक्रमपुर थाना सराय ममरेज प्रयागराज, शिवम गिरि पुत्र अचल गिरि निवासी ग्राम रमगढवा गोनौरा थाना जिगना मिर्जापुर व रोहित पांडेय पुत्र विजय नाथ पांडेय निवासी ग्राम खेमापुर थाना कोईरोना भदोही को गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र से प्रश्न पत्रों के साथ गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में आया डाक्टर का नाम सामने

एएसपी एसटीएफ ने बताया कि बिहार के डा. शुभम मंडल का नाम उक्त अभियुक्तों से की गयी पूछताछ में ही सामने आया था। ब्रिजेश सिंह ने बताया कि शुभम मंडल पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीककांड के मुख्य साजिशकर्ताओं में एक है। उसको मेरठ में पूछताछ के लिए बुलाया गया था और महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद उसको गिरफ्तार किया गया।

मुख्य सरगना को भेजा था पेपर

डा. शुभम मंडल इस साजिश की कितनी अहम कड़ी था उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीसीआई कंपनी के अंदर रखे ट्रंक बॉक्स को खोलकर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र निकालने व मुख्य सरगना तक उसको सुरक्षित पहुंचाने का काम डाक्टर ने ही किया था। एसटीएफ मेरठ यूनिट के बुलावे पर वह यहां पहुंचा था।

पांच लाख में हुआ सौदा

पूछताछ में एसटीएफ को पता चला कि गत पांच फरवरी को रवि अत्री ने डा. शुभम को काल किया और बोला कि अहमदाबाद में पेपर आ गया है। बॉक्स खोलकर केवल एक पेपर निकालना है। इसके लिए पांच लाख में सौदा तय हुआ। इसके अलावा पटना से अहमदाबाद आने जाने के लिए फ्लाइट के टिकट का इंतजाम भी रवि अत्री ने ही किया।

कार से पहुंचे थे टीसीआई कंपनी

डा. शुभम मंडल के अहमदाबाद पहुंचने के बाद एयरपोर्ट से उसको लेकर रवि अत्री, अभिषेक शुक्ला, राजीव नयन मिश्रा सड़क मार्ग से कार द्वारा ट्रांसपोर्ट कंपनी टीसीआई के मुख्यालय पहुंचे। वहां बाक्स को खोलकर उसमें से एक पेपर निकाल कर मोबाइल से उसका फोटो लिया गया। फिर उसको मुख्य सरगना को भेजा गया।

नहीं पकड़ सके सीसीटीवी

एएसपी ब्रिजेश सिंह ने बताया कि सारा काम शातिराना अंदाजा में किया गया। यहां तक कि सीसीटीवी के कैमरे भी इन्हें नहीं पकड़ सके। शिवम व रोहित पांडेय टीसीआई कंपनी में खिड़की से जहां बॉक्स रखा था वहां तक पहुंचे। डाक्टर ने पेचकर, प्लास व सूजे की मदद से कोड टू को पेपर निकालकर मोबाइल में उसका फोटो लिया।

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उसके बाद वैसे ही बॉक्स बंद कर उसी स्थान पर रख दिया। छह फरवरी को डाक्टर फ्लाइट से पटना लौट आया। इतना ही नहीं रवि अत्री ने डाक्टर से यह भी कहा कि अभी दो कोड का पेपर और बाकी है, जैसे ही बुलाए तुरंत आ जाना। आठ फरवरी को डाक्टर दोबारा अहमदाबाद पहुंचा और पूर्व की भांति काम को अंजाम दिया।

15 लाख में हुआ था सौदा

चौथे कोर्ड के पेपर आउट कराने के चक्कर में डाक्टर गत नौ फरवरी को भी अहमदाबाद में रुका, लेकिन उस दिन पेपर नहीं आया। अगले दिन 10 फरवरी को डाक्टर पटना लौट आया। 19 फरवरी को रवि अत्री को डाक्टर ने कॉल किया और बताया कि पेपर हो गया है और अब उसे 15 लाख चाहिए।

रवि अत्री ने कहा कि यदि पेपर कैंसिल नहीं हुआ तो रकम मिल जाएगी। नोटेंशन, लेकिन कुछ दिन बाद पेपर कैंसिल की खबर मिलने पर डाक्टर ने रवि अत्री को काल किया, मगर रवि अत्री ने काल रिसीव नहीं की। शुभम मंडल के खिलाफ कंकरखेड़ा थाना में लिखा पढ़ी की गयी है।

शुभम मंडल का प्रोफाइल

  • डा. शुभम मंडल ने 2021 में नालंदा मेडिकल कालेज से एमबीबीएस किया। वर्तमान में वह संविदा पर पीएचसी बरारी कटिहार में बतौर चिकित्सक नियुक्त है।
  • डा. शुभम ने बचपन के एक साथ बिट्टू को पटना मेडिकल कालेज से एमबीबीएस कराया।
  • साल 2017 में डा. शुभम व बिट्टू नीट के पेपर लीक कराने के मामले में जेल जा चुके हैं।
  • बिट्टू ने ही शुभम को बताया था कि जिस बाक्स में पेपर रखे जाता है उसे वह आराम से खोल देता है।
  • बिट्टू ने शुभम अपने दोस्त रवि अत्री निवासी नोएडा से मुलाकात करायी व बताया कि वह भी पेपर लीक कराता है। जिसके बाद शुभम व रवि की अक्सर बातचीत होती रहती थी।
  • शुभम मंडल को रवि अत्री ने बताया था कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर आने वाला है जिसे आउट कराना है। बिट्टू से ट्रक बॉक्स खोला सीख गए तो भारी रकम मिलेगी।
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