जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: रामपुर की कोर्ट ने सपा नेता आजम खां को तत्कालीन जिलाधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भोट थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था।
पुलिस ने चुनाव प्रचार के दौरान दर्ज शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। तब से ही अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। शनिवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आजम खां को दोषी मानते हुए सजा और जुर्माने का आदेश दिया।
आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की अपील पर बहस शुरू
साथ ही, सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की दो पैन कार्ड मामलों में दी गई सजा बढ़ाने की अपील पर शुक्रवार को बहस शुरू हुई। बचाव पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने बहस की, जो अभी जारी है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई 18 मई के लिए निर्धारित की है। उल्लेखनीय है कि अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हाल ही में आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
इस मामले में बचाव पक्ष ने सजा के खिलाफ और अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने के लिए एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की है। सुनवाई के दौरान एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि बहस शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी पूरी नहीं हुई।

