- 2020-21 पर रहा कोरोना का प्रकोप, जनपद में हुई केवल 50618 रजिस्ट्री
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पिछले 4 साल के दौरान मेरठ जनपद में सबसे ज्यादा 82 हजार 736 बैनामे वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान कराए गए हैं। जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान कोरोना काल के कारण इसमें भारी गिरावट दर्ज की गई, और केवल 50 हजार 618 रजिस्ट्री ही मेरठ जनपद के छह सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में हो पाई हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान हुए 50 हजार 618 बैनामों में कृषि भूमि के 10 हजार 883, आवासीय 28 हजार 945, औद्योगिक 21, भवन के 969, आवास विकास परिषद के 540 और मेरठ विकास प्राधिकरण के 538 बैनामे पंजीकृत किए गए।
इनमें रजिस्ट्री कार्यालय मेरठ प्रथम से 8378, मेरठ द्वितीय से 6961, मेरठ तृतीय से 11224, मेरठ चतुर्थ से 5358, मवाना से 8668 और सरधना से 10029 रजिस्ट्री शामिल हैं। वर्ष 2021-22 के दौरान 65 हजार 134 बैनामे किए गए। जिनमें मेरठ प्रथम से 11094, मेरठ द्वितीय से 10158, मेरठ तृतीय से 14852, मेरठ चतुर्थ से 6926, मवाना से 9709 और सरधना से 12395 बैनामे किए गए। इस वर्ष कृषि भूमि के 12862, आवासीय 38446, औद्योगिक 36, भवन 12389, आवास विकास परिषद के 758 और मेरठ विकास प्राधिकरण के 643 बैनामे शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान कुल 82736 बैनामे किए गए। जिसमें 12806 मेरठ प्रथम, 13434 मेरठ द्वितीय, 14912 मेरठ तृतीय, 12404 मेरठ चतुर्थ, 13044 मवाना और 16136 सरधना में रजिस्ट्री की गई। इनमें 15737 कृषि भूमि, 47689 आवासीय, 40 औद्योगिक, 18037 भवन, 736 आवास विकास परिषद और 497 मेरठ विकास प्राधिकरण से बैनामे कराए गए। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी 2024 यानी 11 महीने की अवधि में 73140 बैनामे हो चुके हैं।
इनमें 10800 मेरठ प्रथम, 12015 मेरठ द्वितीय, 11171 मेरठ तृतीय, 12514 मेरठ चतुर्थ, 11844 मवाना और 14796 सरधना सब रजिस्ट्रार कार्यालय में कराए गए हैं। इनमें 14233 कृषि भूमि, 42443 आवासीय, 13 औद्योगिक, 15516 भवन, 481 आवास विकास परिषद और 454 मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से कराए गए हैं।
सर्किल रेट बढ़ने के लिए फिर रहिए तैयार
वर्ष 2022 माह सितंबर में करीब तीन साल बाद सर्किल रेट बढ़ाए गए थे। ऐसा कोरोना काल को देखते हुए किया गया था। हालांकि 3 वर्षों की अवधि में सर्किल रेट 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाए गए थे। वर्ष 2023 में एक बार फिर सर्किल रेट बढ़ाने का कार्य इस स्थगित रखा गया, लेकिन दो वर्ष गुजर जाने के चलते एक बार फिर से सर्किल रेट में बढ़ोतरी की तैयारी शुरू कर दी गई है।
फिलहाल अधिकारियों के स्तर से मेरठ जनपद के समस्त सब रजिस्टर कार्यालय के माध्यम से प्रस्तावित दरों के संबंध में रिपोर्ट तैयार कराने का काम शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जुलाई माह तक नए सर्किल रेट की सूची तैयार की जा सकती है। इसके बाद आपत्तियां आमंत्रित करते हुए सितंबर माह में सर्किल रेट की नई दरें लागू किए जाने की पूरी संभावना है।

