- शहर में बन रहीं नई इमारतों को इसी बेस पर किया जा रहा डिजाइन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: समय के साथ हरचीज बदल रही है। लोगों की सोच हो या फिर जिन्दगी बसर करने का अंदाज। सभी में बदलाव का ट्रेंड है। एक जमाना हुआ करता था कि लोग घरों के आंगन में चारपाई बिछाकर एक-दूसरे से दो मीठी बातें कर लिया करते थे, लेकिन आज फ्लैट कल्चर ने सब कुछ बदल दिया है।
एक सर्वे के अनुसार आज लोगों की रिहाइश भले ही फ्लैट की चार दीवारी में सिमट कर रह गई हो लेकिन इसके बावजूद लोगों में एक ट्रेंड घर कर रहा है। लोग चाहते हैं कि आज उनका बनने वाला मकान जहां वैज्ञानिक पद्धिति पर बने वहीं इसमें वास्तुकला का भी जोड़ हो। यही सबकुछ सोचकर आज लोग अपना आर्किटेक्ट चुनने में बहुत सावधानियां बरत रहे हैं। देखा यह जा रहा है कि जो लोग आर्किटेक्चर चुन रहे हैं उनमें वो विज्ञान एवं तकनीक से लेकर वास्तुकला के मिश्रण की खूबी भी तलाश रहे हैं।
इस संबंध में जब हमने कुछ आर्किटेक्चर्स से बात की तो उन्होंने बताया कि लोग चाहे रहने के लिए घर बनवाएं या फिर कोई व्यवसायिक इमारत सभी में व्यवसायिक दृष्टिकोण से लेकर परिवार के प्रत्येक सदस्य की जरुरत को ध्यान में रखकर ही नक्शा तैयार कराया जा रहा है। इन लोगों के अनुसार आज हर कोई पूरे स्पेस के एक एक इंच का बखूबी इस्तेमाल करना चाहता है जिस कारण आज लोग आर्किटेक्ट को ही हायर करना उचित समझते हैं।

समय के साथ बदली लोगों की सोच: इं. रिफत
शहर के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट इं. रिफत जमाली का कहना है कि आज लोगों की सोच समय के साथ बदल रही है। वो अपने मकान में हर सुविधा अपने अनुसार हासिल करना चाहता है। रिफत जमाली कहते हैं कि इन सब के चलते इंजीनियरों का काम बहुत बारीक हो गया है क्योंकि लोग अपने स्पेस की एक एक इंच का बखूबी इस्तेमाल करना चाहते हैं। बताते चलें कि रिफत जमाली ने शहर व दूसरे प्रदेशों में कई बड़े प्रोजक्ट्स पर काम किया है।
बदलता टेंÑड इमारतों के लिए संजीवनी: इं. भव्य
उधर एकेटीयू लखनऊ से एमआर्क की डिग्री हासिल करने वाले हापुड़ के युवा इंजीनियर भव्य सैनी का कहना है कि आज इमारतों का बदलता ट्रेंड एक प्रकार से लोगों के लिए भी संजीवनी बन रहा है। भव्य सैनी के अनुसार इमारतों के डिजाइन से लेकर अद्भुत वास्तुकला के मिश्रण के चलते लोगों में आर्किटेक्ट को हायर करने का रुझान लगातार बढ़ रहा है।
लगातार बढ़ रही आर्किटेक्ट की मांग
मकान के निर्माण में वास्तुकला का कोई दोष न हो और मकान भी खूबसुरत बने, इसके लिए लोगों का रुझान आर्किटेक्ट की ओर हो रहा है। यही कारण भी है कि कई युवा आज इसी में अपना भविष्य बना रहे हैं। इसके लिए वो विभिन्न कॉलेजों से बीआर्क से लेकर एमआर्क की डिग्रियां हासिल कर रहे हैं।

