Wednesday, February 25, 2026
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आखिरकार सुनीता वर्मा पड़ी सभी पर भारी

  • सपा विधायक अतुल प्रधान, आकिल मुर्तजा, शहर विधायक रफीक अंसारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, भानु प्रताप समेत दर्जन भर नेता टिकट की थे लाइन में

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: समाजवादी पार्टी में टिकटों को लेकर मरामारी मची थी। आखिर राजनीति की आखिरी बॉल पर पूर्व मेयर सुनीता वर्मा ने छक्का लगा दिया। एक तरह से सपा के तमाम दिग्गजों पर सुनीता भारी पड़ गई। मेरठ लोकसभा क्षेत्र से टिकट पाने वालों की लंबी फेहरिस्त थी, जिसमें सपा विधायक अतुल प्रधान, आकिल मुर्तजा, शहर विधायक रफीक अंसारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, भानु प्रताप समेत दर्जन भर नेता टिकट की लाइन में थे। भानु और अतुल का टिकट फाइनल भी हुआ, फिर दोनों का ही काट भी दिया।

नामांकन के लास्ट दिन आखिर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा को चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान कर दिया। सुनीता वर्मा 2017 में बसपा से मेरठ से मेयर रह चुकी हैं। सुनीता साफ-सुथरी छवि की है। मेयर का उनका शानदार कार्यकाल रहा हैं। सुनीता वर्मा ने 2017 में यूपी में भाजपा की सरकार होते हुए तमाम दिग्गजों को खास रणनीति बनाकर हरा दिया था। उनकी जीत से सभी चौक गए थे। मेयर के चुनाव में भी मुस्लिम और दलित गठजोड़ भाजपा पर भारी पड़ गया था। फिर वैसे ही समीकरणों को देखते हुए सपा मुखिया ने सुनीता वर्मा को चुनाव मैदान में उतार दिया हैं। भाजपा के लिए अब मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।

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सपा विधायक अतुल प्रधान ने सपा से नामांकन दाखिल कर दिया था। नामांकन के बीच ही अतुल प्रधान को खबर मिली की उनका टिकट काट दिया गया हैं, जिसके बाद अतुल प्रधान अचानक लखनऊ कूच कर गए। देर रात तक सपा मुखिया अखिलेश यादव के आवास पर ही सपा के स्थानीय नेता जुटे हुए थे, लेकिन सपा मुखिया ने सुनीता वर्मा का टिकट मेरठ-हापुड़ लोकसभा के लिए फाइनल कर दिया गया। एक तरह से सुनीता वर्मा तमाम सपा के स्थानीय नेताओं पर भारी पड़ी। पिछले पन्द्रह दिन से सपा में टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ था।

नेता एक-दूसरे की टांग खींचने से भी बाज नहीं आ रहे थे। सबसे पहले मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भानु प्रताप को चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन पार्टी ने उन्हें कमजोर प्रत्याशी आंकते हुए टिकट काट दिया था। इसी बीच दो दिन पहले सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान को मेरठ-हापुड़ लोकसभा से प्रत्याशी घोषित कर दिया था। अतुल ने नामांकन भी दाखिल करा दिया, लेकिन इसी बीच खबर आयी थी कि अतुल प्रधान का टिकट भी सपा मुखिया ने बदल दिया हैं, उनके स्थान पर पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा को चुनाव मैदान में उतार दिया हैं।

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