- मेडा और ठेकेदार के बीच होर्डिंग्स लगाने का हुआ था अनुबंध
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कमिश्नर आवास चौराहे से लेकर गंगानगर तक मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा)व ठेकेदार के बीच होर्डिंग्स लगाने का एक अनुबंध हुआ था। अनुबंध में स्पष्ट लिखा है कि होर्डिग्स ठेकेदार डिवाइडर पर अपने होर्डिंग्स लगायेगा, लेकिन डिवाइडर की मरम्मत भी करेगा। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट के खंभों की भी देखभाल करेगा। वर्तमान में डिवाइडर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ठेकेदार ने अनुबंध के अनुसार क्षतिग्रस्त डिवाइडर की एक बार भी मरम्मत नहीं कराई। होर्डिग्स बराबर लगाये जा रहे हैं।
इस तरह से मेरठ विकास प्राधिकरण के अफसर भी इस ठेकेदार से हुए इस अनुुबंध को भूल गए हैं। यही वजह है कि मेडा के अफसर ठेकेदार से अनुबंध के अनुसार डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट को ठीक नहीं करा पा रहे हैं। इस तरह से ठेकेदार डिवाइडर पर होर्डिग्स तो लगातार लगाकर पैसा कमा रहा हैं, लेकिन जनता की सुविधा और शहर की सौंदर्यीकरण के लिए बनाया गया डिवाइडर बदसूरत हो गया हैं। जगह-जगह से डिवाइडर क्षतिग्रस्त हैं। जो दुर्घटना की भी वजह बन रहा हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात ये है कि यहां से प्राधिकरण के अफसर हर रोज कई बार निकलते हैं, लेकिन उन्हें क्षतिग्रस्त डिवाइडर दिखाई नहीं देते हैं।

तैयार अनुबंध मेडा में जमा हैं, लेकिन उस अनुबंधन को अफसर भूल गए हैं। उस अनुबंध को पढ़ लिया जाए तो क्षतिग्रस्त डिवाइडर को होर्डिग्स ठेकेदार को ही बनाना होगा। कमिश्नर भी यहां से निकलती हैं, लेकिन इसका खौफ भी अधिकारियों और होडिग्स ठेकेदार को नहीं हैं। इस पर रेलिंग लगी हुई थी, जो क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गयी हैं, जो दुर्घटना की वजह बन रही हैं। इसके लिए किसकी जवाबदेही हैं। दरअसल, रैलिंग नीचे से गल रही हैं, जिसके बाद नीचे सड़क पर गिर रही हैं।
इसी वजह से दुर्घटना भी हो रही हैं। रात के अंधेरे में नहीं तो स्ट्रीट लाइट जलती है और ऊपर से रैलिंग डिवाइडर के किनारे पर पड़ी होती हैं, जिसके चलते यहां से गुजरने वाले वाहनों से ये टकरा जाती हैं। इसी वजह से दुर्घटना हो रही हैं। इसकी परवाह भी अफसरों को नहीं हैं। परवाह होती तो निश्चित रूप से होर्डिंग्स ठेकेदार पर किये गए अनुबंध के अनुसार कार्रवाई कर दी गई होती।

