- परिजनों में मचा कोहराम, कक्षा आठवीं में हो गया था फेल, माता-पिता का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर के एक सीनियर अधिवक्ता के नाबालिग बेटे ने खुद को कमरे में बंदकर फांसी लगाकर जान दे दी। वह कक्षा आठवीं में पढ़ता था और फेल हो गया था। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। लोहियानगर थाना क्षेत्र स्थित के ब्लॉक में अधिवक्ता के 15 वर्ष के एक छात्र ने कक्षा आठवीं में फेल होने पर सुसाइड कर लिया। छात्र का शव मकान के एक कमरे में मौजूद पंखे पर बंधे कपड़े से लटका हुआ था।
सुबह देर तक छात्र कमरे से नहीं निकला जिसके बाद छात्र के परिवार वाले उसे उठाने के लिए कमरे में पहुंचे परिवार वालों ने कमरे का गेट खोल कर देखा तो उनके होश उड़ गए। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। 15 साल का नोफिल पुत्र नादिल लोहिया नगर स्थित सत्यकाम स्कूल में कक्षा आठवीं का छात्र था। शनिवार सुबह जब वह काफी देर तक नहीं उठा और दिन के 11 बज गए तो उसके पिता छात्र को जगाने कमरे में गए, उन्होंने कई आवाजें लगायीं जब जवाब नहीं मिला तो कमरा खोलकर देखा तो उनकी चीख निकल गई।
नोफिल की लाश फंदे से लटक रही थी। उसने खुद को फांसी लगा ली। परिवार के बाकी सदस्य दौड़कर कमरे में पहुंचे। उन्होंने जब देखा कि नोफिल की लाश छत से झूल रही है तो परिवार में कोहराम मच गया। इस बीच किसी ने सूचना दी तो पुलिस पहुंच गई। परिजनों से पूछताछ की। पिता नादिल ने बताया कि नोफिल कक्षा आठवीं में फेल हो गया था। परिवार में अधिवक्ता नादिल के अलावा पत्नी व एक बेटा, जोकि कक्षा 12वीं व एक बेटी जोकि कक्षा नौवीं की छात्रा है, मौजूद हैं। नोफिल सबसे छोटा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

पल्लवपुरम में मिस्त्री की मौत, मचा कोहराम
मोदीपुरम: पल्लवपुरम फेज-वन पल्हैड़ा की डबल स्टोरी में शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मकान निर्माण करने वाले मिस्त्री की मौत हो गई। घर के कमरे में ही शव पड़ा मिला। परिवार के विरोध करने के बाद भी पुलिस ने शव मर्चरी पहुंचाया। मृतक की कमीज की जेब से सल्फास की कई गोली मिली हैं। पल्लवपुरम थानाध्यक्ष मुन्नेश सिंह ने बताया कि पल्लवपुरम फेज-वन की डबल स्टोरी के पल्हैड़ा निवासी करीब 30 वर्षीय अनिल मकान निर्माण का मिस्त्री था। अनिल की पत्नी सुशीला और तीन बच्चे हैं। शनिवार को अनिल काम पर नहीं गया और घर पर ही रहा।
रात में अनिल का बेहोशी की हालत में कमरे में परिवार के लोगों को पड़ा मिला। परिवार के लोगों ने क्षेत्र के सीवी मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां दो घंटे उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक की पत्नी और भाई ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया। मगर, पुलिस ने शव मर्चरी पहुंचा दिया। मौत का कारण अभी मृतक के परिवार के लोगों से पुलिस से कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि मृतक की जेब से सल्फास की गोली बरामद हुई हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हादसे में पुलिस कर्मी के बेटे की मौत
मेरठ: कंकरखेड़ा बाईपास पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से पुलिसकर्मी के 24 वर्ष के बेटे की मौत हो गई। आसपास के लोग कैलाशी अस्पताल भी लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। कंकरखेड़ा क्षेत्र में रहने वाले 24 वर्षीय प्रिंस अपने दोस्त के साथ बाइक पर सवार होकर नंगलाताशी से कैलाश अस्पताल की तरफ जा रहे थे।
प्रिंस के पिता मुजफ्फरनगर में पुलिसकर्मी है। जैसे ही वह बाईपास की तरफ पहुंचे तो बताया जा रहा है ज्ञात वहां की चपेट में आने से प्रिंस की मौत हो गई। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा विष्णु कौशिक क्या कहना है प्रिंस की मौत हो गई है। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर प्रिंस की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। हादसे की सूचना मिलने पर मृतक के पिता भी मुजफ्फरनगर से मेरठ पहुंच गए।

