Friday, May 1, 2026
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मदरहुड विश्वविद्यालय में मानवाधिकार दिवस पर आयोजित की गई संगोष्ठी

जनवाणी संवाददाता |

भगवानपुर: मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की, हरिद्वार, उत्तराखंड के विधि संकाय द्वारा मानव अधिकार दिवस के अवसर पर “मानव अधिकार वर्तमान परिदृश्य में” विषयक पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मदरहुड विश्वविद्यालय रुड़की के कुलपति व संरक्षक प्रो0 (डॉ0) नरेंद्र शर्मा द्वारा अतिथियों का स्वागत करते हुए मानवाधिकार की सार्वभौम घोषणा, 1948 के इतिहास पर प्रकाश डाला गया जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में सम्मिलित प्रो0 (डॉ0) उमेशचंद्रा भूतपूर्व अधिष्ठाता, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज रहे।

जिनके द्वारा समस्त मनुष्यों के मानव अधिकारों का एक दूसरे के द्वारा सम्मान करने पर जोर डाला गया। अतिथि के रुप में भाग लेने वाली बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय,लखनऊ के पोस्ट ग्रेजुएट अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो0 (डॉ0) प्रीति सक्सेना द्वारा कोविड-19 के दौरान अपने पास पड़ोस के असहाय, गरीब, लाचारों की मदद करके उनके गरिमा पूर्ण जीवन जीने संबंधी मानव अधिकार को संरक्षण करने की बात कही।

विशिष्ट अतिथि के रूप में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के विधि संकाय के प्रो0 (डॉ0) शैलेंद्र गुप्ता द्वारा मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा पर प्रकाश डाला गया, इसी विश्वविद्यालय के प्रो0 (डॉ0) अजेंद्र श्रीवास्तव द्वारा मानव अधिकारों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा की गई।

इसी क्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रुप में सम्मिलित हुए प्रो0 (डॉ0) के0 बी0 अस्थाना, संकायाध्यक्ष, महर्षि स्कूल ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा द्वारा पसंद की शादी करने की स्वतंत्रता तथा प्रो0 (डॉ0) ए0 के0 भट्ट, प्रोफेसर, एमिटी विश्वविद्यालय, गुरुग्राम हरियाणा द्वारा स्वच्छ वातावरण में जीवन जीने संबंधी मानव अधिकार पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया।

डॉ0 राधेश्याम प्रसाद भूतपूर्व एसोसिएट प्रोफेसर, पैट्रोलियम विश्वविद्यालय, देहरादून द्वारा भारत में मानव अधिकारों के संरक्षण संबंधी विषय पर चर्चा की गई। इसी क्रम में एच0 एन0 बी0 विश्वविद्यालय टिहरी के असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ0 एस0 के0 चतुर्वेदी द्वारा कोविड-19 के दौरान मजदूरों का पलायन एवं उनके मानव अधिकारों पर चर्चा की गई तथा सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय, गंगटोक सिक्किम के विधि संकाय के वरिष्ठ असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ0 वीरमयंक द्वारा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की वर्तमान में उपयोगिता तथा समस्त मावन अधिकारों की समीक्षा करते हुए इनके सम्मान करने की बात की गई।

इस अवसर पर कुल सचिव आर0 कस्तूरी परीक्षा नियंत्रक श्री अनुपम कुमार, प्रो0 डॉ0 अनिल कपिल, संकायाध्यक्ष (छात्र कल्याण) के साथ ही अन्य संकाय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, प्रवक्ता गण, तथा विधि संकाय की श्रीमती रेनू तोमर, श्रीमती विनेश शिवा, श्रीमती रंजना सैनी, सतीश कुमार, अर्जुन आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रो0 (डॉ0) जयशंकर प्रसाद श्रीवास्तव, प्रोफ़ेसर, विधि संकाय मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की, हरिद्वार द्वारा किया गया।

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