- ग्रामीण रेलवे लाइन पार करने को रास्ता देने की मांग पर अड़े
- ट्रेन हादसे रोकने को जटौली में रेलवे बना रहा बाउंड्री
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जटौली गांव में लोगों और पशुओं की ट्रैक पर आवाजाही रोकने के लिए रेलवे द्वारा अपनी भूमि पर बाउड्री बनाने के कार्य में कुछ ग्रामीणों ने अड़ंगा लगा दिया है। ग्रामीणों के विरोध के चलते जटौली फाटक के पास बाउंड्री का निर्माण अधर में लटक गया है। कुछ ग्रामीण रेलवे लाइन पार करने के लिए उन्हें रास्ता देने की मांग कर रहे हैं। इसी कारण निर्माण कार्य बंद पड़ा है।
रेलवे के दिल्ली मंडल में दिल्ली से टपरी सहारनपुर ट्रैक पर हर वर्ष रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट आकर लगभग 60-70 लोगों की मौत होती है। इसके अलावा अनेक निराश्रित पशुओं की भी ट्रेन से कटकर मौत हो जाती है। इन हादसों को रोकने के लिए रेलवे द्वारा ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्री बनाने की योजना पर कार्य चल रहा है। गांव जटौली में रेलवे फाटक नंबर-31सी के पास करीब 15 दिन पूर्व रेलवे द्वारा अपनी भूमि पर बाउंड्री बनाने का कार्य शुरू किया गया था। करीब एक सप्ताह कार्य हो पाया।
इसके बाद कुछ ग्रमाीणों ने बाउंड्री के निर्माण का विरोध किया। ग्रामीणों का तर्क है कि गांव की आबादी रेलवे लाइन की एक ओर है और उनके खेत दूसरी ओर है। वे रेलवे लाइन पार करके खेत जाते और वहां से लौटते हैं। इसलिए उन्हें बीच-बीच में बाउंड्री को छोड़कर रास्ता दिया जाए, ताकि वे रेलवे लाइन पार करके अपने खेतों पर जा सकें। जबकि रेलवे के अधिकारियों का तर्क है कि रेलवे द्वारा अपनी भूमि की बाउंड्री का निर्माण कराया जा रहा है। बाउंड्री बनाए जाने से आम लोग भी ट्रेनों की चपेट में आने से बचेंगे साथ ही निराश्रित पशुओं के ट्रेन की चपेट में आकर होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लग सकेगा।
रेलवे ट्रैक पार करने के लिए जटौली में रेलवे फाटक बना है। वहां 24 घंटे गेट मैन की तैनाती है। ट्रेन आने पर ही फाटक बंद किया जाता है। ग्रामीणों के लिए जब फाटक की व्यवस्था है तो वे विरोध क्यों कर रहे हैं, यह असंविधानिक और अव्यवहारिक है। ग्रामीणों के विरोध करने के बाद भी जब रेलवे ने काम नहीं रोका
तो उन्होंने भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष नीरज चौधरी जटौली के साथ राज्यसभा सदस्य व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई से गुहार की। डा. वाजपेई ने डीआरएम दिल्ली मंडल से फोन पर बात की। उन्होंने फिलहाल निर्माण कार्य रोकने और ग्रामीणों की समस्या को सुनकर उचित कार्रवाई करने को कहा। तभी से बाउंड्री का निर्माण कार्य रुका है।
हमें रास्ता दिया जाए: ग्रामीण
जटौली के ग्रामीण निरंजन कुमार, सुरेश, दीपक, मनमोहन आदि का कहना है कि बड़ी संख्या में ग्रामीणों के घर रेलवे लाइन की एक ओर हैं और खेत दूसरी ओर हैं। बाउंड्री बनने से उन्हें फाटक से होकर ही खेत पर आना जाना पड़ेगा। ऐसे में उन्हें खासी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना है कि उन्हें रेलवे लाइन पार करने के लिए रास्ता दिया जाना चाहिए।

