Saturday, March 14, 2026
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ईरान में बड़ा हादसा, राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मांगी दुआएं

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को लेकर जा रहे काफिले का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। मीडिया रिपोर्ट में ये दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति के काफिले में शामिल हेलीकॉप्टर अजरबैजान में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। हेलीकॉप्टर के क्रैश (हार्ड लैंडिंग) होने की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। फिलहाल घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदना प्रकट की।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रईसी के हेलीकॉप्टर से जुड़ी खबरें सुनकर अत्यधिक चिंतित हूं। पीएम मोदी ने कहा कि संकट के इस समय में वे ईरान की जनता के साथ हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति और उनके काफिले में मौजूद लोगों की सलामती की कामना भी की।

हादसे के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काफिले के एक हेलीकॉप्टर में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के साथ ही ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दोल्लाहियन भी सवार हैं।

ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति के काफिले में तीन हेलीकॉप्टर थे और इनमें से दो हेलीकॉप्टर सुरक्षित अपने गंतव्य पर उतर चुके हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट ने हेलीकॉप्टर से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते हादसा हुआ। बचाव कार्य में 16 टीमों को लगाया गया है। हालांकि धुंध और पहाड़ी इलाका होने के चलते बचाव कार्य में परेशानी आ रही है। घटना को कई घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक हेलीकॉप्टर का पता नहीं चल सका है। हादसे में किसी की मौत या घायल होने की कोई जानकारी नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी (63 वर्षीय) पूर्वी अजरबैजान जा रहे थे।

इसी दौरान अजरबैजान के सीमावर्ती शहर जोल्फा के करीब दुर्घटना घटी, जो ईरान की राजधानी तेहरान से 600 किलोमीटर दूर है। वह रविवार तड़के अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ एक बांध का उद्घाटन करने वाले थे। यह तीसरा बांध है, जिसे दोनों देशों ने अरास नदी पर बनाया है। पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर भी राष्ट्रपति के काफिले में शामिल थे।

इब्राहिम रईसी एक कट्टरपंथी हैं, जिन्होंने पूर्व में देश की न्यायपालिका का नेतृत्व किया था। उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी के रूप में देखा जाता है और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वह 85 वर्षीय नेता (खामेनेई) की मृत्यु या पद से इस्तीफा देने के बाद उनकी जगह ले सकते हैं।

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