- पानी के संकट को दूर करने के लिए की गई है पहल
- पिकनिक स्पॉट की तर्ज पर किया जायेगा तलाबों का विकास
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पानी की कीमत वो ही समझ सकता है, जिसको इस भीषण गर्मी में सफर करना पड़े तथा फिर गर्मी में चलते हुए हलक सूखने पर भी छांव तो मिले नहीं, साथ ही पीने को पानी भी न मिले। पानी की अहमियत समझते हुए नगर निगम ने अलग-अलग इलाकों के पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया है। इसके लिए इस क्षेत्र में तालाबों का जीर्णोद्धार कराने के बाद यहां पानी की निरंतर उपलब्धता के लिए भी इंतजाम किये जायेंगे।
शहर में पानी का संकट लगातार बढ़ रहा है। कभी किसी क्षेत्र की ट्यूबवेल फुंक जाती है तो कभी कहीं पानी का बोरवेल सूख जाता है। शहर के कई वार्डों में पानी का जलस्तर लगातार गिर रहा है। इसकी एक बड़ी वजह शहर के तालाबों की अनदेखी भी कही जा सकती है। पानी का जलस्तर ऊपर इसी तरह आ सकता है कि तालाबों का रखरखाव होता रहे। लेकिन इसके लिए शहर वासी भी खुद जिम्मेदार कहे जा सकते हैं। कहीं तो तालाबों को घेरकर वहां आवास बना लिये गये हैं तो कहीं तालाबों को मलबे और गंदगी से भर दिया गया है।
जिसकी वजह से पानी का महत्वपूर्ण स्रोत सूख चुका है। यदि यह तालाब चालू रहें तो पानी का शहर में संकट नहीं दिखेगा तथा जलस्तर भी उच्च स्तर तक पहुंच सकेगा। स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में भी नगर निगम लगातार पिछड़ रहा है। इस बार नगर निगम ने अपनी गलती सुधारने का निर्णय लिया है। नगर निगम ने शहर के चार अलग-अलग वार्डों में स्थित तालाबों का जीर्णोद्धार करने का इरादा किया है। इसके लिए शासन द्वारा चलाई जा रही अमृत योजना का चयन किया गया है।
चार वार्डों में चार तालाब हुए चिन्ह्ति
अमृत योजना के अन्तर्गत इन तालाबों का जीर्णोद्धार किया जायेगा। इनमें से वार्ड-57 पल्लवपुरम, वार्ड-24 कसेरू बक्सर, वार्ड-10 काशी तथा वार्ड-33 काजीपुर के चार तालाबों का चयन किया गया है। यहां सफाई के साथ-साथ तालाबों के किनारे हरियाली भी विकसित करने के साथ बागवानी भी की जायेगी। इन तालाबों का विकास इस स्तर का कराया जायेगा कि शहर के लोग इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में प्रयोग कर सकें।
तालाबों को गंदा करने वाले होंगे दंडित
स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी अमत शर्मा ने बताया कि इन तालाबों का जीर्णोद्धार करने के बाद यहां गंदगी करने वालों को दंडित किया जायेगा। इन तालाबों के किनारे पशुओं को नहलाने, कपड़ों की धुलाई करने तथा गंदगी फैलाने पर पूर्णत: प्रतिबंध रहेगा। जो कोई इन आदेशों का उल्लंघन करेगा, उसपर जीर्णोद्धार करने वाले ठेकेदार के माध्यम से जुर्माने की कार्रवाई कराई जायेगी।

