- 50 वर्षों में पहली बार सप्लाई बनाए रखना हो रहा है मुश्किल
- आसमान से बरस रही आग से उबल रहे ट्रांसफार्मर और हाइटेंशन की वायर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अगले कुछ घंटों में बिजली संकट के गहराने की आशंका जतायी जा रही है। आसमान से बरसती आग और बिजली की मांग में भारी उछाल के चलते ट्रांसफार्मर और हाइटेंशन वायर उबल रहे हैं। इसके चलते किसी भी वक्त बिजली गुल हो सकती है। जानकारों की मानें तो बीते 50 सालों में पहली बार ऐसा हो रहा है कि बिजली सप्लाई को बनाए रखना मुसीबत बना हुआ है।
ट्रांसफार्मरों की यदि बात की जाए तो गर्मी के चलते तमाम ट्रांसफार्मर उबल रहे हैं। जबकि हाइटेंशन लाइनें दहक रही हैं। एक तो जानलेवा गर्मी दूसरे डिमांड बढने से भारी लोड के चलते हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपकरणों के बचाने के लिए तमाम पावर स्टेशन बगैर लिखा पढ़ी शटडाउन लेने को मजबूर हैं।
कुछ बिजलीघरों में गर्मी व ओवरलोड के चलते 80 डिग्री तापमान पर ट्रांसफार्मर काम कर रहे हैं। डिमांड बढ़ने के कारण कई बिजलीघरों में 10 एमवीए व 5 एमवीए के ट्रांसफार्मरों का तापमान 80 डिग्री से अधिक पहुंच गया है। पीवीवीएनएल अफसरों का कहना है कि दरअसल डिमांड के बढने के चलते ही ट्रांसफार्मरों व हाइटेंशन तारों पर लोड पड़ने के कारण फाल्ट हो रहे हैं। फुंक रहे हैं।
250 केवीए और 400 केवीए के ट्रांसफार्मरों के फुंकने के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में बिजलीघरों पर जहां 10एमवीए और 5एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मरों का तापमान 80 डिग्री के ऊपर है। वहां पर कूलर लगाकर तापमान कम करने का कार्य किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता राजेंद्र बहादुर बताया कि लोगों से संयम बनाए रखने की अपील पहले ही वह कर चुके हैं। मोहकमपुर बिजलीघर, शास्त्रीनगर एल ब्लॉक बिजलीघर और जागृति विहार एक्सटेंशन बिजलीघर में बड़े ट्रांसफार्मरों पर कूलर लगाए गए हैं।
हाइटेंशन लाइन जली, इलाके में अंधेरा
शहर के पुराने घनी आबादी वाले शीश महल इलाके में अचानक हाइटेंशन तारों में आग लगने की वजह से आसपास के एक बड़े इलाके की बत्ती गुल हो गयी। आग लगाने की घटना देर शाम के वक्त हुई, जिसके चलते अंधेरा छा गया। असल में इनवर्टर की हालत यह हो गयी है कि वोल्टेज डाउन होने के कारण उनका भी दम फूल गया है। इसके अलावा डाउन वोल्टेज आने की वजह से इनवर्टर भी काम नहीं कर पा रहे हैं।
एक तो गर्मी उस पर बिजली संकट रही सही कसर बिजली के जो घरेलू उपकरण हैं वो फुंकने लगे हैं। बीते तीन दिन के भीतर शहर और देहात में तमाम घरों में घरेलू बिजली उपकरण फुंकने के मामले सामने आए हैं। तमाम घरों फ्रीज, एयरकंडीशन, पंखे व कूलर तथाा दूसरे घरेलू उपकरण लो वोल्टेज या फिर फ्लेक्चुएशन के चलते फूंक रहे हैं।
ये बोले-चीफ
अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र बहादुर यादव का कहना है कि बिजली की मांग में भारी उछाल आया है। लोग से पहले ही आग्रह किया जा चुका है कि जहां तक संभव हो बिजली बचाने का प्रयास करें। सुबह-शाम के वक्त यदि बहुत जरूरी ना हो तो एयरकंडीशन ना चलाएं। हालात सामान्य बनाए रखने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
हालात बेहद नाजुक हैं, कुछ कीजिए मैडम
महानगर में अघोषित बिजली संकट को लेकर व्यापारी नेता शुक्रवार को पीवीवीएनएल एमडी ईशा दुहन और चीफ धीरज सिन्हा से मिले। उन्होंने दो टूक कहा कि बिजली सप्लाई की स्थिति बेहद नाजुक है, इसलिए इसको सुधारिये। अन्यथा हालात बेकाबू हो जाएंगे। पब्लिक सड़कों पर उतरने को तैयार है। शाम को जल्दी दुकानें बंद करने की नौबत आ गयी है। एक बार यदि पब्लिक सड़कों पर उतरी तो मुश्किल होगा।
शुक्रवार को संयुक्त व्यापार संघ का एक प्रतिनिधि मंडल बिजली के गहराते संकट को लेकर एमडी ईशा दुहन से मिला और बिजली कटौती लो वोल्टेज एवं बिजली के पुराने तारों को लेकर चर्चा की अध्यक्ष अजय गुप्ता ने लो एवं हाई वोल्टेज के विषय को उठाया। महामंत्री सरदार दलजीत सिंह ने कहा कि पूरा दिन बिजली कटौती होने के बाद शाम 5:00 बजे इनवर्टर खाली हो जाते हैं। जिससे गर्मी में शाम को निकालने वाले ग्राहकों के बाजार में आने से पहले ही व्यापारी को अपनी दुकान बंद कर घर जाना पड़ता है, जो एक गंभीर विषय है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल ठाकुर ने कहा कि ट्रांसफॉर्मर का लोड बढ़ाया जाए जिससे गर्मी में होने वाले कट से राहत मिल सके अन्य पदाधिकारी ने सामूहिक रूप से कहा की बिजली विभाग पर तैनात कर्मचारियों का व्यवहार उचित नहीं है। रजनीश कौशल ने खैरनगर दवा मार्केट में लो वोल्टेज की वजह से खराब हो रही वैक्सीन व घंटाघर के के एसडीओ व जेई का फोन ना उठने के बारे में कहा जिस पर एमडी ने उपरोक्त सभी विषयों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अंकुर गोयल खंदक ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बजाए बिजलीघरों पर अभद्रता की जा रही है।

