Monday, March 16, 2026
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जिसने भी देखा खौफनाक मंजर, कांप गया कलेजा

  • डीएम, एसएसपी और एसपी देहात समेत कई अफसर मौके पर
  • मृतकों की शिनाख्त के लिए दिल्ली पुलिस से साधा गया संपर्क

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गंगनहर पटरी पर बनी कार आग का गोला, मदद के लिए आए लोग, लेकिन अंदर से लॉक होने की वजह से कोई नहीं कर पाया मदद। जानीखुर्द थाने के गंगनहर पटरी भोलाझाल मार्ग सिसौला गांव के समीप सेंट्रो में सवार लोगों के जिंदा जलने का मंजर जिसने भी देखा उसका कलेजा कांप गया। दरअसल, उधर से गुजर रहे कुछ लोगों ने चलती कार में अचानक लगी आग को देख लिया था। कार सवारों की मदद को वो तेजी से लपके, लेकिन जब तक वो पहुंचे कार आग का गोला बन चुकी थी। प्रत्यदर्शियों के अनुसार ऐसा लगा कि कार भीतर से लॉक थी।

कार में लगी आग इतनी तेजी से फैली कि उसमें जो भी लोग सवार थे, वो आग की आगोश में समा गए। खेतों में सिंचाई कर रहे एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भीतर बैठे लोग कार में हाथ मार रहे थे, लेकिन उनकी ये कोशिश चंद पलों तक ही जारी रह सकी। कार में उनका जिस्म तेजी से जलने लगा। उसके बाद कुछ हरकत नजर नहीं आयी। कार में लगी आग इतनी ज्यादा तेज और भयंकर थी कि उसकी तेज लपटों में भीतर का दिखना बंद हो गया था। सिर्फ आग ही आग नजर आ रही थी। लोगों ने तुरंत डॉयल 112 पर सूचना दी।

लोगों ने बताया कि आग इतनी भयंकर थी कि सड़क किनारे के खेतों की झाड़ियां भी फुंक गर्इं। माना जा रहा है कि चलती गाड़ी में जब आग लगी तभी चालक बचाने या रोकने के प्रयास में गाड़ी को सड़क किनारे की ओर ले गया। कुछ ही देर में जानी पुलिस व फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गयी। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। इस दौरान कार का शीशा तोड़ा गया। जब शीशा तोड़ा गया तो कार का एयरकंडीशन चालू था। लेकिन कार के भीतर का मंजर बेहद डरावना था। आग कितनी भयंकर थी और भीतर के हालात कैसे रहे होगे इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब पुलिस कर्मियों ने यह जानने का प्रयास किया कि कार में कितने लोग सवार थे

तो उन्हें कुछ भी स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने चार से पांच के कार में होने की बात कही। वहीं, इस संबंध में एसपी देहात कमलेश बहादुर ने बताया कि गाड़ी दिल्ली नंबर की है। दिल्ली पुलिस से संपर्क किया गया है, ताकि मरने वालों की शिनाख्त की जा सके। शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिए गए हैं। कार पर लंबी नंबर प्लेट डीएल-4सी-एपी-4792 के आधार पर यह गाड़ी दिल्ली निवासी सोहनपाल पुत्र ओम प्रकाश निवासी गांव प्रहलादपुर बांगर के नाम पर है।

डीएम और एसएसपी समेत कई अफसर पहुंचे

हादसे की जानकारी मिलने पर रात करीब 11 बजे डीएम दीपक मीणा व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण व एसपी देहात कमलेश बहादुर और सीओ सरधना संजय जायसवाल तथा कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गयी। डीएम व एसएसपी ने भी हादसे का शिकार हुई गाड़ी का मुआयना किया। दोनों अधिकारियों ने घटना को लेकर जानकारी ली। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गयी। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक टीम ने कुछ साक्ष्य भी जुटाए। हालांकि आग का गोला बनी कार में ऐसा कुछ मिला नहीं, जिससे कुछ मदद मिल सके।

किसकी थी बाइक जो हटा दी पुलिस ने

जिस सेंट्रो में आग लगी है उसके पास ही एक एसजेड बाइक भी मिली है। लोगों ने बताया कि आग की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पहला काम इस बाइक को कार के पास से हटवा कर किसी अन्य स्थान पर भिजवाने का किया। बाइक को लेकर लोगों ने जानकारी दी यदि उसको सही मान लिया जाए तो फिर सवाल उठ रहा है कि ऐसा क्या कारण था जो पुलिस ने जलती कार के पास खड़ी बाइक को मौके से हटवाकर अंयत्र भिजवा दिया या फिर यह मान लिया जाए कि आग की घटना और बाइक सवारों के बीच कोई कनेक्शन था। वो बाइक किस की थी। हालांकि कुछ लोगों ने बताया कि जिस वक्त ये हादसा हुआ, उस वक्त वहां से गुजर रहे बाइक सवार ने मदद का प्रयास किया, लेकिन वह खुद बुरी तरह से झुलस गया।

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