- तीन दशक पुरानी मांग पर चल रहा प्रशासन में विचार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भैंसाली बस स्टैंड (डिपो) और वर्कशॉप को शहर से बाहर ले जाने की कवायद तेज हो गई हैं। तीन दशक से ये मांग चली आ रही है कि भैंसाली बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए, ताकि जनता को जाम से मुक्ति मिल सके। क्योंकि डिपो की तमाम बसें तो यहां आती ही है, साथ ही प्रदेश की अन्य डिपो की बसें भी यहीं से होकर गुजरती हैं। इस वजह से भी शहर में जाम का झाम लगा रहता हैं।
शहर के लिए ये बड़ी समस्या बनी हुई हैं। इसको लेकर डीएम दीपक मीणा ने मेरठ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय को पत्र लिखा हैं। पत्र में भैंसाली बस स्टैंंड की भूमि खाली करने के लिए मेडा से कंकरखेड़ा बाइपास पर गहरा गड्ढे की डिमांड की हैं। इसमें शहर का भैंसाली डिपो बस स्टैंड चलेगा। हालांकि अभी प्राधिकरण की तरफ से कागजी कार्रवाई करनी बाकी हैं, जिसके बाद कंकरखेड़ा में भैंसाली डिपो पूरी तरह से शिफ्ट होने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। प्राधिकरण की ये जमीन महत्वपूर्ण हैं। यहां पर पहले मेट्रो स्टेशन का भी प्लान हुआ था, लेकिन मेट्रो का प्लान सिर्फ फाइलों में ही रह गया हैं।
इसी वजह से रोडवेज बस स्टैंड की प्रक्रिया तेजी से चल रही हैं। इसका लाभ शहर के लोगों को भी होगा। शहर को तो जाम से मुक्ति मिलेगी, लेकिन सरधना बाइपास पर जाम की समस्या खड़ी हो जाएगी, इसके बारे में भी प्लानिंग तैयार करनी होगी, ताकि यहां पर जाम नहीं लगे। क्योंकि पूरा दिन बसों का आवागमन रहने से सरधना बाइपास पर वाहनों का दबाव बढ़ेगा, पहले से ही यहां पर जाम लगता हैं। ट्रैफिक पुलिस किसी तरह से जाम को कंट्रोल करती हैं,फिर भी जाम लगा ही रहता हैं। क्योंकि सरधना बाइपास की जो एंट्री प्वाइंट शहर में बनाया गया हैं, वो अच्छा नहीं हैं। उसमें कोई घुमाव नहीं हैं।

