- निकले थे रोजी की तलाश में, रास्ते में मिल गई मौत, सुबह करीब पांच बजे हुआ दर्दनाक सड़क हादसा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/खरखौदा: मंगलवार सुबह खरखौदा थाना के मेरठ-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भीषण हादसे में इको कार हाइवे के किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। मृतकों के शवों को मोर्चरी भिजवाते हुए घायलों को अस्पताल भिजवा दिया गया है। सभी लोग धान की रोपाई करने पंजाब जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे यह हादसा हुआ। हाईवे के किनारे खराब ट्रक खड़ा था, जिससे इको कार का एक कोना भिड़ गया। कार की रफ्तार काफी अधिक थी, जिस कारण उसके परखच्चे उड़ गये। कई बार पलटी खाने के बाद कार करीब 20 मीटर आगे जाकर रुक गई। चीख पुकार सुनने के बाद आस पास से गुजर रहे लोग वहीं रुक गये और कंट्रोल रूम को सूचना दी। एंबुलेंस मौके पर पहुंची और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला, जिनमें तीन लोगों की मौत हो गयी। आठ लोग घायल हुए हैं।
एसडीएम (सदर) कमल किशोर और सीओ किठौर अभिषेक पटेल ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल भिजवाया और शव मोर्चरी भिजवा दिये। सीओ किठौर ने बताया कि मरने वालों की पहचान 24 वर्षीय जुनैद पुत्र जमील अहमद निवासी मोहल्ला कहारान थाना नवाबगंज जिला बरेली के अलावा दो सगे भाइयों 28 वर्षीय अनिल कश्यप व 26 वर्षीय सुनील कश्यप निवासी ग्राम लखाखास गजरौला, जनपद पीलीभीत के रूप में हुई है।
सीओ ने बताया कि यह सभी लोग मजदूरी पेशा हैं जो पंजाब धान की रोपाई के लिए जा रहे थे। सभी के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। उधर, इस हादसे ने हाइवे की सुरक्षा पर सवाल खड़े किये हैं। जब हाइवे पर सड़क किनारे किसी भी वाहन को खड़ा करना वर्जित है तो फिर यह कैंटर कैसे खड़ा हो गया। हालांकि सीओ का कहना है कि कैंटर का गियर बक्सा खराब था और वह सफेद पट्टी के बाहर खड़ा था।
एसडीएम और सीओ किठौर पहुंचे
हादसे की जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर कमल किशोर देवभूषण कंडारकर व सीओ किठौर अभिषेक पटेल घटनास्थल पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण का पीड़ितों को हर संभव मदद दिलाने के आदेश थाना पुलिस को दिए। थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पंचनामा के आधार पर शवों का पोस्टमार्टम करा दिया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शवों को अपने साथ ले गए। तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कंटेनर चालक को हिरासत में ले लिया गया है।
10 मिनट में तीन जिंदगियां खत्म
कंटेनर चालक एटा निवासी अवनीश ने बताया कि वह गोरखपुर से मेरठ एक पेपर मिल में गत्ता पहुंचाने जा रहा था। खरखौदा से आगे निकलते ही गाड़ी के गेयरबक्से ने काम करना बंद कर दिया। समय रहते उसने धनौटा के पास हाइवे किनारे गाड़ी को खड़ा कर दिया। मात्र 10 मिनट ही हुए थे और पीछे से आई ईको कार उससे टकरा गई। जिसमें तीन लोगों की जान चली गई।
बूढ़े मां-बाप का सहारा थे दोनों भाई
खरखौदा इलाके में हादसे का शिकार हुए सुनील व अनिल में से बड़ा भाई सुनील परिवार का इकलौता सहारा था। गजरौला निवासी मूलचंद के पांच बेटे हैं, तीन बेटे नेतराम, शेरपाल व विनोद शादी के बाद न्यारे हो गए। करीब एक साल पहले सुनील की शादी प्रियंका से हो गयी, उसके एक माह की बेटी है, लेकिन शादी के बाद भी सुनील अपने बूढेÞ माता-पिता का सहारा बना रहा।
वह छोटे भाई अजय को भी साथ रखता था। सुनील के एक माह की बेटी भी है। सुनील व अनिल के साथ मजदूरी पर पंजाब के फिरोजपुर के एक बडेÞ किसान के यहां ठेके पर धान बुआई के लिए जा रहे प्रेम पाल ने बताया कि सुनील केवल मां-बाप का ही नहीं बल्कि छोटे भाई अनिल का भी बड़ा सहारा था।
दो घरों के बुझे चिराग मचा कोहराम
मूलचन्द कश्यप के सुनील व अनिल दो बेटे थे हादसे में दोनों की मौत से घर में अंधेरा छा गया। क्योंकि परिवार में दो ही भाई थे, दोनों की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया और परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।

