Thursday, March 19, 2026
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हाइटेंशन लाइन की चपेट में आए सात कांवड़िये झुलसे

  • बागपत फ्लाईओवर पर हुआ बड़ा हादसा
  • 35 फीट ऊंची कांवड़ विद्युत तारों से टच होने पर फैला करंट
  • आनन-फानन में दौड़े आला अफसर
  • हादसे से हाइवे पर मची चीख-पुकार, हर तरफ हाहाकार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: टीपीनगर थाना क्षेत्र के तहत एनएच-58 बागपत फ्लाईओवर पर मंगलवार सुबह कांवड़ के हाइटेंशन विद्युत लाइन से छूने के चलते सात कांवड़िये झुलस गए। घटना की जानकारी मिलते ही तमाम आलाधिकारियों ने दौड़ लगा दी। लखनऊ से फोन घनघनाने शुरू हो गए। डीएम और एसएसपी तत्काल मौके पर पहुंच गए। कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची और झुलसे कांवड़ियों को अस्पताल पहुंचाया। इनमें तीन की हालत चिंताजनक बनी है।

दिल्ली निवासी शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लेकर दिल्ली की ओर जा रहे थे। बागपत फ्लाईओवर के निकट उनकी कांवड़ हाइटेंशन विद्युत लाइन से टकरा गई। दिल्ली के शालीमार बाग हैदरपुर से 14 कांवड़िये हरिद्वार से 35 फीट ऊंची कांवड़ लेकर गंतव्य की ओर दिल्ली लौट रहे थे। बागपत फ्लाईओवर पर कांवड़ ऊपर झूल रहे हाइटेंशन विद्युत लाइन से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शी अमृत त्यागी निवासी दिल्ली सीमापुरी भी कांवड़ लेकर लौट रहे थे, उन्होंने बताया कि जैसे ही तारों से कांवड़ टच हुई तो तारों में धमाके के साथ चिंगारियां नीचे गिरने लगीं। जो कांवड़िये कांवड़ लेकर चल रहे थे, अगले ही पल वे तड़पने लगे।

यह देखकर आसपास के लोग बुरी तरह से घबरा गए। इस बीच कांवड़ में फैले करंट से आग लग गयी। हालांकि अच्छी बात ये रही कि कांवड़िये जिनको हाइटेंशन विद्युत लाइन का झटका लगा था वो दूर जा गिरे। हादसे में सात कांवड़िये झुलस गए। पुलिस और लोगों ने कांवड़ में लगी आग बुझाई और झुलसे कांवड़ियों को बाइपास स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। अधिकारियों ने खुद भी इन कांवड़ियों से बात की। उनके परिजनों से भी बात करायी।

कांवड़ हाइटेंशन विद्युत लाइन से टकराने की सूचना मिलने के बाद डीएम, एसएसपी और कई थानों का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचे। एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि सभी कांवड़ियों की हालत खतरे से बाहर है। इलाज कर रहे डाक्टरों ने बताया कि कांवड़िये मामूली रूप से झुलसे हैं। गनीमत रही कि कांवड़ बांस की थी, अन्यथा गंभीर हादसा हो सकता था।

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आखिर हरिद्वार से मेरठ तक किसी को नजर नहीं आयी 35 फीट ऊंची कांवड़

कांंवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर सूबे के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक ने उत्तराखंड के देहरादून व मेरठ समीक्षा बैठक की थीं। इन बैठकों में चारों राज्यों के कांवड़ यात्रा की तैयारियों से जुडे तमाम आला अफसर मौजूद रहे थे। सुरक्षित व सकुशल कांवड़ यात्रा का स्लोगन जारी किया गया था। जो निर्देश दिए गए थे उनमें यह भी था कि कोई भी कांवड़ 12 फीट से ऊंची न हो। उसके साथ चलने वाले डीजे का म्यूजिक लाउड न हो। अवगत कराया गया था हरिद्वार से जल उठाने के बाद जो भी कांवड़ खासतौर से डीजे कांवड़ चलती हैं, उनकी असेंबलिंग रुड़की में की जाती है।

रुड़की से चलने वाली सभी कांवड़ों को जांच पड़ताल मसलन कितनी ऊंचाई है व कितनी चौड़ाई है, यह सब जांच के बाद ही एनओसी जारी की जाएगी। 12 फीट से ऊंची कोई कांवड़ न हो। इसके अलावा यूपी व उत्तराखंड की सीमा नारसन चेक पोस्ट पर यूपी व उत्तराखंड के पुलिस फोर्स की ज्वाइंट जांच की बात भी कही गयी थी,। सवाल उठता है कि बाइपास पर हाइटेंशन तारों को छूने वाली 35 फीट ऊंची कांवड़ हरिद्वार से वायां रुड़की, नारसन चेक पोस्ट, मुजफ्फरनगर होते हुए मेरठ में कैसे प्रवेश कर गई। रास्ते में किसी ने भी नहीं रोका या फिर यह मान लिया जाए कि मुख्य सचिव व डीजीपी के निर्देशों को लेकर उतनी गंभीरता नहीं बरती जा रही, जितनी दिखाई जानी चाहिए।

सबक और कार्रवाई से अफसरोें को परहेज

बीते साल इन्हीं दिनों में 15/16 जुलाई को भावनपुर के राली चौहान गांव में हाइटेंशन विद्युत लाईन से कांवड़ छूने के चलते प्रशांत सैनी, हिमांशु सैनी, महेंद्र सैनी, लख्मी, मनीष और लक्ष्य की मौत हो गयी थी, लेकिन आज की घटना से इतना तो साबित हो गया कि हादसों से सबक लेना व कार्रवाई करना प्रशासन की फितरत में नहीं। वो शनिवार को दिन था। घटना रात करीब 8:15 बजे मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के राली चौहान गांव में कांवड़िये की ट्रॉली, हाइटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गई थी। जिसमें छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, इनमें से तीन बच्चे भी थे।

हादसे के बाद कांवड़ियों और चश्मदीद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया था। साथ ही जेई और लाइनमैन के खिलाफ धरना दिया था और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कांवड़िये और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि विद्युत विभाग के जेई और लाइनमैन को फोन करके शटडाउन मांगा गया था। मामले में कमिश्नर व डीएम ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जांच से पहले ही पीवीवीएनएल की तत्कालीन एमडी ने महकमे को क्लीनचिट थमा दी। वक्त के गुजरने के साथ मामला ठंडे बस्ते में चला गया। मंगलवार को फिर से हाइटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से कांवड़िये झुलसे हैं, अच्छी बात ये रही कि सभी की जान बच गई।

हाइवे पर जमकर हंगामा

कांवड़ियों के झुलसे की खबर पूरे शहर में जंगल की आग की तरह फैल गयी। कांवड़ यात्रा मार्ग पर जहां-जहां दिल्ली के कांवड़िये थे, वो उत्तेजित होने लगे। बड़ी संख्या में कांवड़िये बागपत फ्लाईओवर पर जा पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें समझाया। उन्हें ये भी बताया कि सभी सामान्य है, किसी को गंभीर चोट नहीं है। उसके बाद ही हंगामा करने वालं शांत हुए।

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