- बिजली विभाग की जानलेवा लापरवाही पड़ रही कांवड़ियों पर भारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/हापुड़: पीवीवीएनएल स्टॉफ की जानलेवा लापरवाही की कीमत कांवड़ियां अपनी जान देकर चुका रहे हैं। बुधवार को हापुड़ बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के डेहरा कुटी इलाके में कैंटर में उतरे करंट से दो कांवड़ियों की मौत हो गयी। कांवड़ियों की मौत की खबर उनके घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिजन जिला मुख्यालय पहुंचे। इससे एक दिन पहले बीते मंगलवार को एनएच-58 पर हाइटेंशन तार से छूने की वजह से सात कांवड़िये झुलस गए थे। उससे पूर्व पल्लवपुरम इलाके में कांवड़ शिविर में पंखे में उतरे करंट से दिल्ली के कार्तिक नाम के कांवड़ियां की मौत हो गयी थी।
मिली जानकारी के अनुसार हापुड़ के थाना नौसेना क्षेत्र के गांव रूखी भगवानपुर से लगभग चार दर्जन लोग कैंटर से जल लेने के लिए हरिद्वार जा रहे थे। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के डेहरा कुटी पहुंचने पर शिवभक्तों द्वारा पानी पीने के लिए कैंटर को रोका गया था। तभी अचानक कैंटर हाइटेंशन विद्युत लाइन के तार से टकरा गई। जिसमें रूखी भगवानपुर निवासी गोपीलाल, ललित पाल हाइटेंशन लाइन का करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस बार कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले मुख्य सचिव, डीजीपी, आईजी, डीएम व एसएसपी सरीखे तमाम आलाधिकारियों का जोर बिजली की वजह से होने वाले हादसों को रोके जाने को लेकर था। तमाम आलाधिकारी बार-बार बिजली महकमे के अफसरों से कांवड यात्रा मार्ग की लाइनें दुरुस्त करने को लेकर आग्रह करते रहे, लेकिन जिस तरह से लगातार बिजली की वजह से हादसे सामने आ रहे हैं, उससे यह साफ हो गया कि जो हिदायतें दी गई उनको लेकर गंभीरता नहीं बरती गयी।
ऊर्जा राज्यमंत्री की चेतावनी बेअसर
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर ने ऊर्जा भवन विक्टोरिया पार्क पर समीक्षा बैठक में सख्त लहजे में अधिकारियों को हिदायत दी थी। उन्होंने कहा था कि बिजली के तारों की वजह से पिछले साल शिवरात्री पर पांच कांवड़ियों की मौत जैसी घटना ना हो। इसके अलावा उन्होंने पानी में करंट उतरने की वजह से होने वाली घटनाओं को भी रोकने की चेतावनी दी थी, लेकिन ऊर्जा राज्यमंत्री की हिदायतों का कितना असर हुआ यह तमाम घटनाओं से साफ हो गया है।
दौरा पड़ने से बुलंदशहर के कांवड़िये की मौत
मेरठ: दिल का दौरा पड़ने से बुलंदशहर के लखावटी ब्लॉक के गांव मोहम्मदनगर निवासी एक कांवड़िये की मौत हो गई। वह चाचा के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर आ रहा था। उसे पहले दौराला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने उसका पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव को अपने साथ ले गए।
बुलंदशहर के लखावटी ब्लॉक के मोहम्मदपुर मजरा के गांव मोहम्मदनगर निवासी 28 वर्षीय सौरभ शर्मा पुत्र वीरेन्द्र शर्मा अपने चाचा मुलचंद शर्मा निवासी मोहम्मदनगर के साथ 28 जुलाई को हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर चला था। मंगलवार की रात दोनों खतौली में रुके थे। बुधवार सुबह वे खतौली से चले थे। दौराला के पास अचानक सौरभ को दिल का दौरा पड़ा। वह जमीन पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। यह देख वहां से गुजर रहे लोग रुक गए। लोगों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने एक बाइक सवार से लिफ्ट दिलाकर दोनों को दौराला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा।
वहां से सौरभ को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने सौरभ को मृत घोषित कर दिया। यह सुनकर उसका चाचा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। देर शाम उसके शव को परिजन अपने घर ले गए। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डा. हरकेश ने कहा कि मौत के कारण का पता तो पोस्टमार्टम से होगा, लेकिन सौरभ के चाचा ने उसे दिल का दौरा पड़ने की सूचना दी। तेज धूप में जल लेकर चलने के दौरान हार्ट अटैक भी हो सकता है।
जल्दी पहुंचने के चक्कर में तेज चल रहे थे चाचा-भतीजा
बुलंदशहर के लखावटी ब्लॉक के गांव मोहम्मदनगर निवासी सौरभ और उसके चाचा मूलचंद ने 28 जुलाई को हरिद्वार से पवित्र गंगा जल उठाया था। लंबा रस्ता और समय कम होने की वजह से चाचा भतीजा तेजी से चल रहे थे। उन्होंने खतौली से बुधवार सुबह कदम बढ़ाए थे। दोनों धूप में भी कांवड़ लेकर चलते रहे। दोनों पसीनों में तर थे। इसी बीच सौरभ को दिल का दौरा पड़ गया और उसकी मौत हो गई।
मुजफ्फरनगर में परीक्षितगढ़ के शिवभक्त की चक्कर आने से मौत
परीक्षितगढ़: भगवान आशुतोष का जलाभिषक करने के लिए हरिद्वार से जल लेकर लौट रहे शिवभक्त की मुजफ्फरनगर में शिव चौक पर परिक्रमा के दौरान हालत खराब होने पर पुलिस ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। नगर के राजा दरवाजा निवासी शिवभक्त अरुण त्यागी (60) पुत्र बैजनाथ हरिद्वार जल लेने गए हुए थे। जल लेकर बुधवार को गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। मुजफ्फरनगर स्थित शिव चौक पर परिक्रमा के दौरान उमस भरी गर्मी से अचानक तबीयत खराब हो गई
और खून की उलटी होने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। नगर में मौत की खबर लगने पर परिजनों व लोगों में मातम छा गया। शव लाने के लिए परिजनों के साथ भाई पवन त्यागी नगर के लोगों के साथ मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए। अरुण की मौत से पत्नी मुनेश, पुत्र प्रवीण के अलावा अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पेट दर्द और वायरल से पीड़ित छह कांवड़िये जिला अस्पताल में भर्ती
मेरठ: जिला अस्पताल में बुधवार को पेट दर्द, उल्टी दस्त और वायरल से पीड़ित छह कांवड़ियों को भर्ती किया गया। उधर बाइक की टक्कर से दो कांवड़िये घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हरिद्वार, ऋषिकेश, नीलकंठ से पवित्र गंगा जल लाने वाले कांवड़ियों में कुछ शिवभक्त बीमार हो रहे हैं तो कुछ दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में पेट दर्द से पीड़ित कांवड़िये वेद प्रकाश निवासी त्रिलोकपुरी दिल्ली, मनोज घोष निवासी गोकुलपुरी दिल्ली, उल्टी दस्त से पीड़ित आशीष निवासी दायमपुर दिल्ली, सोनू निवासी भजनपुरा दिल्ली, आदित्य निवासी विष्णुपुरी गाजियाबाद और वायरल से पीड़ित हरकेश निवासी खुरेजी दिल्ली भर्ती किया गया। वहीं, दूसरी ओर मोदीपुरम में एक बाइक की टक्कर से हरिद्वार से कांवड़ ला रहे तरुण निवासी मुल्तान नगर मेरठ और उसका भाई उदय घायल हो गए। तरुण के हाथ में गंभीर चोट आई। दोनों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया।

