- ट्रेड लाइसेंस होंगे आनलाइन बोर्ड बैठक में फैसला छावनी पोर्टल पे होगा कार्य
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ट्रेड लाइसेंस का अधिकार छिन जाने से बोर्ड के कुछ सदस्य खासे खिन्न हैं। पहले ये अधिकारी बोर्ड को हासिल था। दरअसल अब छावनी क्षेत्र के समस्त ट्रेड लाइसेंस अब डिजिटल प्रक्रिया से बनेंगे। समस्त प्रक्रिया की निगरानी सीईओ स्वयं करेंगे। अंतिम निर्णय लेकर बोर्ड को अवगत करवाएंगे।
इसके लिए शीघ्र ही देश की समस्त 62 छावनी परिषदों के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा एक पोर्टल लॉच किया जाएगा, जिसके तहत ही कैंट बोर्ड की ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया चलेगी। उक्त निर्णय शुक्रवार को हुई बोर्ड की विशेष बैठक में लिया गया।
विदित हो के छावनी में व्यापार करने के लिए व्यापारियों को छावनी परिषद से प्रत्येक वर्ष ट्रेड लाइसेंस बनवाना होता है। जिसके तहत ही छावनी क्षेत्र में व्यापार किया जा सकता है। इसी व्यवस्था के अंतर्गत ही छावनी के होटल बार तथा शराब आदि की दुकानों के लाइसेंस भी दिए जाते हैं।
मोबाइल सिग्नल नहीं कैसे चलेगा ट्रेड पोर्टल
बैठक के दौरान ही वार्ड-सात के सदस्य धर्मेंद्र सोनकर व उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी ने मोबाइल टावर का मुद्दा उठाते हुए कहा के मोबाइल सिग्नल तो आते नही ऐसे में भला पोर्टल का कैसे प्रयोग हो सकेगा इस पर बोर्ड अध्यक्ष ने सीईओ को टावर कंपनी को नोटिस देने को कहा गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मोबाइल सिग्नल पर्याप्त मिलें ताकि कार्य में बाधा न हो। क्योंकि सिग्नल न होने के चलते ही छावनी का स्वच्छता ऐप पहले ही फेल हो चुका है।
निर्वाचित सदस्य चुनेंगे कमेटी अध्यक्ष
बैठक में निर्णय हुआ के केंद्र सरकार के निर्देशानुसार बोर्ड की कमेटियों के अध्यक्ष अब अन्य सदस्यों द्वारा ही चुनकर बनेंगे हालांकि अब भी सिविल एरिया कमेटी के अध्यक्ष उपाध्यक्ष होते हैं और बाकी कमेटियों में सदस्य छह माह के कार्यकाल के लिए अध्यक्ष का चुनाव उपाध्यक्ष की सहमति से करते आ रहे हैं।
बोर्ड के बढ़े कार्यकाल पर मुहर
केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान बोर्ड के कार्यकाल को जुलाई तक बढ़ाने के आदेश पर भी आज बोर्ड में मुहर लग गयी। हालांकि इस बीच कभी भी चुनाव करवाये जा सकते हैं।
ये हुए बैठक में शामिल
बोर्ड बैठक में बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अर्जुन सिंह राठौर मुख्य अधिशासी अधिकारी नवेंद्र नाथ उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी एडम कमांडेंट संदीप साल्वेकार जीई साउथ एनए मैतेई व अन्य आर्मी सदस्य और सिविल सदस्यों में रिनी जैन बुशरा कमाल नीरज राठौर अनिल जैन मंजू गोयल धर्मेंद्र सोनकर व कार्यालय अधीक्षक जय पाल तोमर शामिल हुए।
कैंट बोर्ड में एक और धमाके की आहट
कैंट बोर्ड में एक ओर धमाके की आहट सुनी जा रही है। बीना वाधवा की एंट्री को भाजपा के महानगर अध्यक्ष का विधायक खेमे को जोर का झटका धीरे से दिया जाना माना जा रहा है। विधायक खेमा फिलहाल इस झटके से उबरने की कोशिश कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर एंट्री के प्लान की अंतिम समय तक भी किसी को भनक तक नहीं लगने दी गयी। पूरा प्लान टॉप सीक्रेट था।
चंद लोग ही थे जिनको विश्वास में लेकर पूरी योजना को अंजाम दिया गया। इतना ही नहीं एंट्री भी केंद्रीय मंत्री की मौजदूगी में कराकर उसको धमाकेदार बनाने के अलावा विरोधी खेमे की ओर से उठने वाली किसी भी संभावित विरोध की आवाज को विराम देने का भी काम लगे हाथों कर दिया गया।
लंबी अरसे से चल रही थी प्लॉनिंग
जानकारों की मानें तो इस एंट्री की स्क्रिप्ट काफी पहले तैयार कर ली गयी थी, लेकिन स्क्रिप्ट तैयार करने वाले भी अच्छी तरह से जानते थे कि ये सब इतना नहीं है। दरअसल, विरोधी खेमा भी हर चल पर नजर रखे थे। इस सबके बीच एंट्री का प्लान तैयार कर लिया गया था। बस मौके का इंतजार किया जा रहा था। किसान सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी की मौजूदगी को मुफीद समझा गया। हालांकि कुछ जानकारों का यहां तक कहना है कि केंद्र के एक बडे नेता ने भी रास्ता बनाने में मदद की।
लगातार मिल रहीं थी शिकायतें
कैंट बोर्ड की राजनीति में इस सारे फसाद की जड़ लगातार मिल रहीं शिकायतें बतायी जा रही हैं। ये शिकायतें संगठन तक भी पहुंची थीं। किसी का नाम लिए बगैर बताया गया है कि तमाम ठेकेदार लूट तक के आरोप लगा रहे। करीबियों के अवैध कब्जे व काम के नाम पर धन उगाही सरीखे आरोप थे। संगठन ने इन आरोपों को गंभीरता से लिया।
एक तीर से कई निशाने
इस पूरे घटनाक्रम को जानकार एक तीर से कई निशाने के तौर पर देख रहे हैं। महानगर संगठन का वर्चस्व कायम होने के साथ ही बीना वाधवा के जरिये कैंट के पंजाबी वोट बैंक पर भी निशाना साधना जा रहा है। इसमें कोई दो राय भी नहीं कि बीना वाधवा पंजाबी चेहरे के तौर पर पहचान रखती हैं। वहीं, दूसरी ओर अजेय समझे जाने वाले विधायक खेमे को बड़ा झटका दिया जाना माना जा रहा है।
ये कहना है महानगर अध्यक्ष का
भाजपा के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंहल का कहना है कि संगठन हित को ध्यान में रखते हुए बीना वाधवा को भाजपा में शामिल किया गया है। इसके लिए संगठन जिनसे जरूरी समझा गया उनसे चर्चा भी की गयी है। इनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी। हमारी पार्टी सबका साथ के नारे में विश्वास रखती है। कैंट बोर्ड में भी अब काफी कुछ बदलाव नजर आएगा।
ये कहना है बीना वाधवा का
कैंट बोर्ड वार्ड तीन की सदस्य बीना वाधवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों में विश्वास करते हुए उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा की एक मात्र ऐसी पार्टी है जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की बात करती है। एक सामान्य कार्यकर्ता की तरह वह अनुशासित सिपाही के रूप में संगठन का काम करेंगी।

