- पुलिस ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: थाना पुलिस ने कार में दम घुटने से हुई बच्ची की मौत के मामले में आरोपी नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा। बता दें कि नरेश कुमार सेना में नायक के पद पर तैनात है।
ये है पूरा मामला
हरियाणा जींद निवासी सोमवीर पूनिया मेरठ छावनी में लांस नायक पद पर तैनात हैं। वह कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के राजेश एन्क्लेव में रहते हैं। उनके पड़ोस में सेना में नायक पद पर तैनात नरेश कुमार परिवार के साथ रहते हैं। नरेश कुमार हिमाचल प्रदेश के विलासपुर निवासी है। 30 अक्टूबर को सोमवीर की तीन वर्षीय बेटी वर्तिका बच्चों के संग खेल रही थी। इस दौरान नरेश कुमार कार में बैठाकर वर्तिका को रोहटा रोड स्थित शराब ठेके पर पहुंचे। ठेके के पास नरेश ने वर्तिका को कार के अंदर लॉक करके ठेके से शराब खरीदारी करने चला गया।
इस बीच बाहर से शराब खरीदते देखकर नरेश को सेना पुलिस ने पकड़ लिया। उसे वह अपने साथ कार में बैठाकर ले गए और नरेश को ड्यूटी ज्वानिंग करा दी गई। इस बीच दोपहर तक वर्तिका का पता नहीं चलने पर परिजनों ने तलाश शुरू कर दी। आसपास के लोगों ने सोमवीर के परिजनों को बताया कि वर्तिका को नरेश कुमार कार में बैठाकर ले गए। कॉलोनीवासियों ने नरेश की कार को ढूंढना शुरू किया। दोपहर में रोहटा रोड पर शराब ठेके के पास कार को देखा गया तो वर्तिका आगे की सीट पर लेटी हुई थी। शीशा तोड़कर वर्तिका को बदहवास हालत में बाहर निकाला गया। परिजन उसे उठाकर निजी अस्पताल ले गए,
जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बच्ची के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि दम घुटने से बच्ची की मौत हुई है। मंगलवार को सोमवीर ने नरेश कुमार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। वहीं, दूसरी ओर एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच में पता चला कि खेलते हुए बच्ची को नरेश कार में बैठाकर ले गया था। बच्ची को कार के अंदर लॉक कर शराब लेने लगा। तभी सेना पुलिस से उसे पकड़ लिया। उसके बाद वह कार के अंदर बंद बच्ची को भूल गया और उसकी मौत हो गई।
छोटे-छोटे खर्चांे के नाम पर निगम में हो रही बंदर बांट
मेरठ: नगर निगम में छोटे-छोटे खर्चाें के नाम पर बंदर बांट हो रही है। जनरेटर के डीजल खर्च, वाहनों की मरम्मत, सड़क, नाली और खड़ंजे आदि की मरम्मत, कार्यालय भवन की मरम्मत आदि के नाम पर कच्चे पर्चांे के जरिए विभाग को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है। नगर निगम का वार्षिक बजट लगभग 1300 करोड़ रुपये का है। इसमें कुछ कार्यांे के लिए टेंडर छोड़े जाने का प्रावधान है, लेकिन अनेम मद ऐसी हैं, जिनके खर्च के लिए टेंडर की जरूरत नहीं होती। नगर निगम बोर्ड की बैठक में इस बार जो बजट पास किया गया, उसमें सड़क, नाली, खड़ंजे शौचालय, कार्यालय भवन की मरम्मत की मद में 45 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया।
वाहनों की मरम्मत की मद में सात करोड़ रुपये, कार्यशाला के लिए डीजल पेट्रोल की मद में 21 करोड़ रुपये, जनरेटर का किराया और उसका डीजल खर्च की मद में दो करोड़ रुपये, निगम के अधिकारियों के कार्यालय के अधिष्ठान की मद में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया। अब इन मदों में नगर निगम के विभिन्न अनुभागों में अधिकारी कच्चे पर्चांे पर छोटे-छोटे खर्च दिखाकर नगर निगम को चूना लगा रहे हैं। कुछ खर्च इमरजेंसी के होते हैं, जैसे नगर निगम की बोर्ड बैठक और कार्यकारिणी की बैठक के आयोजन या नगर निगम द्वारा कोई अन्य कार्यक्रम का आयोजन का खर्च, इसके लिए हॉल का किराया देना, जनरेटर के लिए डीजल खरीदकर देना, भोजन, चाय नाश्ते की व्यवस्था कराना होता है।
इसके लिए एक-दो लाख, 50 हजार के छोटे-छोटे पर्चे बनवाए जाते हैं। यदि कोई रेस्टोरेंट कच्चा बिल देता है तो उसे पास कर दिया जाता है। मजदूरी की मद में मजदूरों के वाऊचर लगाकर नगर निगम से धन निकाल लिया जाता है। इसका कोई ऐसा लेखा जोखा नहीं कि एक छोटे से काम में किसे-किसे कितना भुगतान किया गया। इन खर्चाें की एंटी किसी भुगतान किया गया, उसके नाम की एंट्री फाइलों में नहीं होती और न ही किसी रजिस्टर में होती। नगर निगम के पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने हाल ही में नगरायुक्त से अकले में मिलकर नगर निगम में कच्चे पर्चांे के जरिए नगर निगम को करोड़ों का चूना लगाए जाने से अवगत कराया। नगरायुक्त ने उनके द्वारा बताई गर्इं बातों को अपनी डायरी में नोट किया और जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
कच्चे पर्चों से होने वाले भुगतान की होगी जांच
नगरायुक्त सौरभ गंगवार का कहना है कि कच्चे पर्चों से होने वाले भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

