- मेडिकल में यूपीकॉन की सेमिनार में बोलीं, अंधत्व को रोकने के लिए प्रतिबद्ध देश के नेत्र विशेषज्ञ
- अभिनेत्री ने देश के प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञों को किया सम्मानित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक सामान्य नागरिक के रूप में मैं उन सभी अद्भुत कार्यों के लिए अत्यंत आभारी हूं जो इस सभागार में मौजूद हर व्यक्ति भारत को ऐसा स्थान बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। जहां हम कम से कम रोके जाने वाले अंधत्व को रोकने का प्रयास कर सकें। यह बातें शनिवार को मेडिकल कॉलेज में चल रहे तीन दिवसीय यूपीकॉन सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची अभिनेत्री और एंटोड फार्मास्यूटिकल्स ब्रांड एंबेसडर सोहा अली खान ने कही।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मुंबई के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. एस. नटराजन एवं अभिनेत्री सोहा अली खान ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। जिसके उपरांत डा. मोहिता शर्मा द्वारा एनुअल रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। जिसमें उन्होंने कोलकाता में डॉक्टर के साथ हुई घटना पर कहा कि यूपीकॉन द्वारा बेटी बचाओ पर ध्यान केंद्रित किया गया है। जिसमें अब तक 100 से अधिक सोसाइटी उनके समर्थन में खड़ी है। इस दौरान मुख्य अतिथि मुंबई के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. एस. नटराजन ने नेत्र रोग के उपचार की नई तकनीकों पर व्याख्यान दिया।
जिसके बाद अभिनेत्री सोहा अली खान ने कहा कि मुझे वास्तव में ऐसा लगा जैसे मैं किसी तरह के फिल्म फेयर अवार्ड्स में हूं। हालांकि यहां मौजूद लोग कहीं ज्यादा बुद्धिमान हैं। एक सामान्य नागरिक के रूप में मैं उन सभी अद्भुत कार्यों के लिए अत्यंत आभारी हूं, जो इस कमरे में मौजूद हर व्यक्ति भारत को ऐसा स्थान बनाने की दिशा में कर रहा है, जहां हम कम से कम रोके जा सकने वाले अंधत्व को रोकने का प्रयास कर सकें। मुझे हाल ही में यह एहसास हुआ है कि सही तरीके से देखने में सक्षम होना कितना महत्वपूर्ण है,
क्योंकि 43 वर्ष की उम्र में मुझे पता चला कि मेरी आंखें उतनी मजबूत नहीं रहीं, जितनी पहले थीं और निश्चित रूप से प्रो. नटराजन की तुलना में तो बिल्कुल नहीं, जो बिना चश्मे के काम चला रहे हैं। यहां बैठे अधिकांश लोग मेरे पिता के बारे में जानते होंगे और इस बात से परिचित होंगे कि वह 20 साल की उम्र में अपनी एक आंख गंवाने के बाद एक शानदार क्रिकेट करियर से चूक गए। हालांकि मैं उस समय मौजूद नहीं थी, लेकिन मैंने उन्हें बड़े होते देखा। जब वह 30 और 40 की उम्र में थे, तो वह गाड़ी नहीं चला सकते थे
और एक आंख के कारण गहराई और परिप्रेक्ष्य की कमी के कारण कई चीजें नहीं कर सकते थे। वह गोल्फ नहीं खेल सकते थे। वह कहते थे कि वह चलती वस्तु को हिट कर सकते हैं, लेकिन किसी स्थिर वस्तु को हिट नहीं कर पाते थे। इसलिए वह गोल्फ नहीं खेल सकते थे, लेकिन क्रिकेट और बैडमिंटन खेल सकते थे। उनके साथ हुई इन समस्याओं ने मुझे दृष्टि के महत्व को समझने में मदद की और निश्चित रूप से, हमारे देश में बहुत से लोग हैं जो रोके जा सकने वाले अंधत्व से पीड़ित हैं।
वे केवल वही नहीं खोते जो मेरे पिता ने खोया, वे जीवनयापन, करियर, पैसे, सम्मान, स्वतंत्रता और उन सभी चीजों को खो देते हैं। जो दृष्टि के साथ आती हैं। खासकर उत्तर प्रदेश में, जहां अंधत्व, मोतियाबिंद और दृष्टि हानि के कई रोके जा सकने वाले कारणों के मामले बहुत अधिक हैं, आप सभी इतने परिश्रम से काम कर रहे हैं और इस समस्या को मिटाने की दिशा में अद्भुत कार्य कर रहे हैं। मेरे पिता ने हमें प्रोत्साहित किया कि हम अपनी आंखें दान करें।
इसलिए हमारे पूरे परिवार ने ऐसा किया। जब मेरे पिता की मृत्यु हुई तब पांच मिनट के भीतर प्रक्रिया पूरी कर ली गई और यह सब बड़े संवेदनशील और व्यवस्थित ढंग से किया गया। भले ही आपकी आंखें उम्रदराज हों और शायद कोई उनका उपयोग दृष्टि के लिए न कर पाए, लेकिन आप अपनी आंखें वैज्ञानिक और चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान करे ।
प्रतिष्ठित नेत्र विशेषज्ञों को किया सम्मानित
अभिनेत्री सोहा अली खान द्वारा देशभर से आये डॉक्टर्स को सम्मानित किया गया जिनमे लाइफटाइम अचीवमेन्ट अवार्ड डा. वीके तिवारी एवं डा. धर्मेंद्र नाथ को प्रदान किया गया। इसके साथ ही डा. संदीप मित्तल, डा. रूप, डा. शिशिर जैन, डा. प्रियंका, डा. देवाकांत मिश्रा, डा. उमंग अरोरा, डा. प्रखर, डा. चैत्रा जयदेव, डा. मोहन राजन, डा. भरत अबरार, डा. अंनत, डा. सत्ताशु माथुर आदि को भी सम्मानित किया गया।
रोटेटिंग ट्रॉफी गोरखपुर को सौंपी
हर साल संस्थान द्वारा दी जाने वाली रोटेटिंग ट्रॉफी इस बार मेरठ मेडिकल कॉलेज को मिली। जिसके पश्चात अगले वर्ष यूनिकोप सेमिनार कराने के लिये रोटेटिंग ट्रॉफी गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को प्रदान की गयी। बता दें कि यह ट्रॉफी हर साल घूमती है।
प्रयागराज में लगेगा नि:शुल्क नेत्र कुंभ
डा. एसपी सिंह ने बतया कि समाज और राष्ट्र के हित में प्रयागराज में पूर्व की भांति इस बार भी नेत्र कुंभ लगाया जाएगा। साल 2019 में जब कुंभ मेले का आयोजन हुआ था उसमे 3 लाख लोगों को चेकअप, टेस्ट व नि:शुल्क दवाइयां दी गयी थीं। इसके साथ ही कुंभ में आॅपरेशन की व्यवस्था भी रहेगी। हमारी मुहीम है कि कोई भी व्यक्ति अंधता के साथ ना जीए। कुंभ के लिये तैयारियां पूर्ण की जा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जगह अलॉट कर दी गई है। प्रतिदिन 10 हजार लोगों को देखने की व्यवस्था है। देशभर से से नेत्र विशेषज्ञों को बुलाया जा रहा है।

