नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है जो हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, इसलिए इस पर्व को उनकी वैवाहिक वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व शिव भक्तों के लिए बेहद खास और महत्वपूर्ण माना गया है। माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर शिव-परिवार की पूजा-अर्चना करने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का वास होता है। इतना ही नहीं सच्चे भाव से उपवास रखने पर मनचाहा वर पाने की कामना भी पूर्ण होती हैं। वहीं, इस साल 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे भारत में मनाया जाएगा।
ज्योतिषियों की मानें तो इस वर्ष महाशिवरात्रि के दिन श्रवण नक्षत्र का निर्माण हो रहा है, जो शाम 5:08 मिनट तक है। इसपर परिध योग का संयोग भी रहेगा। इस दौरान महादेव की उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। परंतु महाशिवरात्रि पर पूजा हमेशा संपूर्ण सामग्री के साथ करनी चाहिए, इससे महादेव प्रसन्न होते हैं। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा सामग्री के बारे में जानते हैं।
महाशिवरात्रि पूजन सामग्री
- शहद
- बेर
- मौसमी फल
- धतूरा
- मदार पुष्प
- फूलों की माला
- गंगाजल
- शमी के पत्ते
- कमल
- सफेद फूल
- छोटा शिवलिंग
- बेलपत्र
- भांग
- दही
- शक्कर
- जनेऊ
- चंदन
- केसर
- मालपुआ
- गाय का घी
- कपूर
- शिव जी के पूरे परिवार की फोटो
- महाशिवरात्रि व्रत कथा
- शिव चालीसा
- शिव आरती की पुस्तक
- रक्षा सूत्र
- माता पार्वती के लिए श्रृंगार सामग्री
- छोटी इलायची
- पान
- सुपारी
- भस्म
- लस्सी
- भोग के लिए हलवा
- ठंडाई
- मौली
- महादेव के लिए वस्त्र
- गाय का दूध
- शिव जी की तस्वीर
- अक्षत्
- इत्र
- दान के लिए कंबल, वस्त्र, अन्न
- दीपक
- लौंग

