Friday, March 13, 2026
- Advertisement -

Kunal Kamra Row: कंगना रनौत ने कुणाल कामरा पर साधा निशाना, बोलीं मजाक उड़ाने वाले ये लोग कौन हैं?

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने कॉमेडियन कुणाल कामरा की उस टिप्पणी को लेकर निशाना साधा है, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बिना नाम लिए ‘गद्दार’ कहा था। इस शब्द का इस्तेमाल अक्सर उनकी पार्टी के आलोचकों द्वारा अलग-अलग होने के कारण किया जाता है, जिससे महाराष्ट्र में वर्तमान सरकार बनी रहती है। ऐसे में कंगना ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुआ कहा…

कंगना ने दी ऐसी प्रतिक्रिया

बता दें कि, कुणाल की टिप्पणियों पर कंगना ने प्रतिक्रिया देते हुए एकनाथ शिंदे का बचाव किया और कॉमेडियन के मजाक की आलोचना की। आज मंगलवार को संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘चाहे आप किसी से सहमत हों या नहीं, उनका मजाक उड़ाना, खासकर मेरे साथ हुई एक गैरकानूनी घटना का मजाक उड़ाना, सही नहीं है। मैं उस घटना की तुलना इस घटना से नहीं करूंगी, क्योंकि वह गैरकानूनी थी, जबकि यह पूरी तरह से कानूनी है।’

कंगना ने की शिंदे की तारीफ

दरअसल, कंगना जाहिर तौर पर 2020 की उस घटना का जिक्र कर रही थीं। जिसमें शिवसेना के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के साथ विवाद के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम ने उनके मुंबई कार्यालय को ध्वस्त कर दिया था। अभिनेत्री ने एकनाथ शिंदे की ऑटो-रिक्शा चालक से लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री बनने तक की यात्रा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘शिंदे जी कभी रिक्शा चलाते थे और आज वे अपनी योग्यता के बल पर महान ऊंचाइयों पर पहुंच गए हैं, लेकिन उनका मजाक उड़ाने वाले ये लोग कौन हैं? उनके पास क्या योग्यताएं हैं? उन्होंने जीवन में क्या हासिल किया है?’

कामरा ने माफी मांगने से किया मना

दरअसल, 23 मार्च को जिस जगह पर कुणाल ने परफॉर्म किया था, वहां एकनाथ शिंदे के समर्थकों ने तोड़फोड़ की थी। शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ता भी कुणाल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए खार पुलिस स्टेशन पहुंचे, जबकि अन्य लोगों ने इसी तरह की मांगों को लेकर एमआईडीसी पुलिस स्टेशन का रुख किया। विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कुणाल ने स्टूडियो में तोड़फोड़ करने वाली भीड़ की आलोचना की और माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि नेताओं और राजनीतिक व्यवस्था का मजाक उड़ाना कानून के खिलाफ नहीं है।’

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

भंडारित अनाज को सुरक्षित करना जरूरी

देश के कुल उत्पादन का लगभग 7 प्रतिशत अनाज...

जमाने के हमकदम होने की राह

चतुर सुजान ने जमाना देखा है। उनके सर के...

सरेंडर की मांग से भड़का संघर्ष

मध्य पूर्व अचानक संघर्ष की भयंकर आग में झुलस...

सोशल मीडिया पर तैरती फूहड़ता

डिजिटल युग ने हमारे समाज की संरचना, सोच और...
spot_imgspot_img