जनवाणी ब्यूरो |
उत्तर प्रदेश: आज गुरूवार को महोली निवासी पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बताया जा रहा है कि, सुबह पिसावां इलाके में हुई मुठभेड़ में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने एक-एक लाख रुपये के इनामी दो वांछित बदमाशों को ढेर कर दिया। मारे गए दोनों शूटरों की पहचान संजय तिवारी उर्फ अकील खान और राजू तिवारी उर्फ रिजवान के रूप में हुई है।
क्या बोले पुलिस अधीक्षक?
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के अनुसार, पिसावां-महोली मार्ग पर काम्बिंग के दौरान बाइक सवार संदिग्धों को रोकने की कोशिश की गई। रोकने के इशारे पर दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। मुठभेड़ में दोनों को गोली लगी और गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों बदमाश सीतापुर के मिश्रित थाना क्षेत्र के अटवा गांव के निवासी थे। उनके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास सहित कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज थे।
हालांकि, इस मुठभेड़ के बाद राघवेंद्र बाजपेयी के परिवार की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। राघवेंद्र की पत्नी ने पुलिस की इस कार्रवाई को अधूरी बताया और कहा कि केवल शूटरों के मारे जाने से न्याय नहीं हुआ है, असली साजिशकर्ता अभी भी बाहर हैं। इस मुठभेड़ के बाद पुलिस मामले की बाकी कड़ियों को जोड़ने और मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है।

