Tuesday, March 17, 2026
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Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ में मुठभेड़ जारी, दुल क्षेत्र में आतंकियों की घेराबंदी

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है। दुल क्षेत्र में सेना ने आतंकियों को चारों ओर से घेर लिया है। इलाके में लगातार गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने बताया, ‘भारतीय सेना के जवानों ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के दुल इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया। गोलीबारी जारी है।’

कुलगाम मुठभेड़ में सेना के दो जवान घायल, दो बलिदान

वहीं, जम्मू-कश्मीर में सबसे लंबे आतंकवाद विरोधी अभियानों में से एक – दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में जारी ऑपरेशन अखल में शनिवार को नौवें दिन भी गोलीबारी जारी रही। लेकिन इस बीच जिले में ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों के साथ रात भर चली मुठभेड़ में सेना के दो जवान बलिदान हो गए और दो अन्य घायल हो गए। बता दें कि सुरक्षाबल ज़िले के अखल जंगल क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों से लड़ाई जारी रखे हुए हैं और वरिष्ठ पुलिस और सेना के अधिकारी चौबीसों घंटे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।

बता दें कि, कश्मीर घाटी में सेना की कमान संभालने वाली चिनार कोर ने सेना के दो जवानों के बलिदान होने की पुष्टि की। चिनार कोर ने एक्स पर एक पोस्ट में मुठभेड़ में बलिदान हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि अभियान अब भी जारी है। एक्स पर एक पोस्ट में चिनार कोर ने कहा, चिनार कोर राष्ट्र के लिए कर्तव्य निभाते हुए बहादुर लांस नायक प्रीतपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह के सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करता है। उनका साहस और समर्पण हमें हमेशा प्रेरित करेगा। सेना ने कहा कि वह शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि इलाके में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान जारी है। अधिकारियों ने बताया कि रात भर हुई गोलीबारी में दो अन्य सैनिक घायल हो गए हैं।

पुलिस के सूत्रों ने बताया कि अखल वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों द्वारा फायरिंग और राकेट लांचर दागे गए। सूत्रों के अनुसार आतंकवादियों द्वारा स्नाइपर का इस्तेमाल करते हुए सेना के जवानों को निशाना बनाया जा रहा है जिसके चलते उन्हें यह नुकसान उठाना पड़ा है हालांकि इसको लेकर किसी तरह की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। घना जंगल और खड़ी चढ़ाई सुरक्षाबलों के जवानों को आगे बढ़ने में चुनौती पैदा कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात, सेना के उत्तरी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और जम्मू कश्मीर पुलिस के कश्मीर ज़ोन के आईजीपी वीके बिरदी सहित वरिष्ठ पुलिस और सेना के अधिकारी चौबीसों घंटे अभियान पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने वन क्षेत्र के कठिन इलाके में आतंकवादियों को ट्रैक करने के लिए ड्रोन, क्वाड कॉप्टर, हेलीकॉप्टर सहित अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा ऑपरेशन में आतंकवादियों को ट्रैक करने के लिए खोजी कुत्तों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

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