जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। लोकसभा में विपक्ष का आक्रामक रवैया देखते हुए अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ी फटकार लगाई और चेतावनी दी कि अगर ऐसा बर्ताव जारी रहा, तो उन्हें निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी।
लोकसभा में हंगामा और चेतावनी
प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्य वेल तक पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। वे SIR (Special Identification Register) और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध कर रहे थे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा “यदि आप उतनी ही ताकत से सवाल पूछते, जितनी ताकत से नारेबाजी कर रहे हैं, तो यह देश के लिए ज्यादा फायदेमंद होता।”
“लोगों ने आपको सरकारी संपत्ति तोड़ने के लिए संसद नहीं भेजा है। अगर आपने ऐसा करने की कोशिश की, तो मुझे कुछ निर्णायक फैसले लेने होंगे और देश के लोग यह सब देख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई विधानसभाओं में ऐसी हरकतों पर कार्रवाई हुई है और उन्होंने फिर से विपक्ष को चेतावनी दी कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें।
‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन
इससे पहले संसद भवन परिसर में भी विपक्षी सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची संशोधन के विरोध में
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में
‘वोट चोर, गद्दी छोड़’, ‘वोट चोरी बंद करो’ जैसे नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारी सांसदों के हाथ में ‘SIR को रोको’ और ‘वोट चोरी’ लिखे बैनर और पोस्टर भी थे।
सत्र में विपक्ष के तेवर तीखे
मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश में जुटा है।
SIR लागू करने की आशंका, चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल, और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में कथित हस्तक्षेप जैसे विषयों पर विपक्ष लगातार सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है।

