नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। मीडिया और मनोरंजन उद्योग के क्षेत्र में वार्षिक सम्मेलन एफसीसीआई फ्रेम्स 2025 का उद्घाटन समारोह महाराष्ट्र में आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिरकत की और अभिनेता अक्षय कुमार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अक्षय कुमार ने इस दौरान मुख्यमंत्री से बातचीत की और फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री फडणवीस ने फिल्म इंडस्ट्री और डिजिटल युग में जागरुकता के महत्व पर अपनी राय साझा की।
अक्षय कुमार ने सीएम फडणवीस से पूछा
इस दौरान अक्षय कुमार ने सीएम फडणवीस से उन्हें प्रेरित करने वाली किसी फिल्म के बारे में पूछा। इसके जवाब में देवेंद्र फडणवीस ने अनिल कपूर की फिल्म ‘नायक: द रियल हीरो’ का नाम लिया। सीएम फडणवीस ने कहा कि इस फिल्म ने न सिर्फ मुझे बहुत प्रभावित किया, बल्कि मुझे बहुत परेशान भी किया। फिल्म में अनिल कपूर एक ही दिन में एक सीएम के तौर पर कई काम करते हैं। आज जब मैं इस मुकाम पर पहुंचा हूं, तो लोग मुझसे नायक की तरह काम करने को कहते हैं। फिल्म ने एक मानक स्थापित करने का काम किया है। मुझे यह भी लगता है कि फिल्मों ने मेरी भावनाओं और संवेदनाओं को आकार दिया है और मुझे खुद के प्रति सच्चे रहने में मदद की है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की विरासत की सराहना की
दाअसल, कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मनोरंजन की सही राजधानी है। महाराष्ट्र में न केवल एक फिल्म इकोसिस्टम है, बल्कि जीवंतता भी है और ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने सिनेमा को जिया है। सभी चीजें राज्य में मौजूद हैं और यही वह चीज है जिसे मैं किसी अंतरराष्ट्रीय स्टूडियो के सामने रखना चाहूंगा। सीएम ने मुंबई फिल्म सिटी के विस्तार के अपने नजरिये को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि मैं फिल्म सिटी और उसके पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करना चाहता था। हमने बहुत सारी योजनाएं बनाईं और फिल्म जगत से भी बात की। लेकिन हम इसे ठीक से लागू नहीं कर पाए। लेकिन मैंने इसे विश्व स्तरीय वातावरण में बदलने का फैसला किया है।
सीएम फडणवीस और अक्षय ने साइबर अपराध के विषय पर भी बात
वहीं, इस दौरान सीएम फडणवीस और अक्षय ने साइबर अपराध के विषय पर भी बात की। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेरा मानना है कि साइबर अपराध के मुद्दे पर और फिल्में बननी चाहिए। जहां तक स्ट्रीट क्राइम की बात है, तो उसे फिल्मों में कॉपी किया गया था, लेकिन साइबर क्राइम ने सिस्टम में घुसपैठ कर ली है। इसने हमारे सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मुझे लगता है कि हमारे फिल्मी नायकों को इस अपराध के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। हमारे पुलिस बल को भी नई दिशा मिल रही है। डीपफेक, डिजिटल अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, जबरन वसूली और अन्य मामलों में वृद्धि हो रही है। हमारी फिल्म इंडस्ट्री को अभी इसे और भी अच्छे से दिखाना बाकी है।

