जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज रविवार को महिला वनडे विश्व कप फाइनल में भारतीय टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका के सामने 299 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में सात विकेट खोकर 298 रन बनाए।
बता दें कि भारत की शुरुआत शानदार रही। ओपनर शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाजी करते हुए 87 रन की पारी खेली, जिसमें कई बेहतरीन चौके और छक्के शामिल थे। वहीं, अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपनी लयदार बल्लेबाजी जारी रखते हुए 58 रन जोड़े। स्मृति मंधाना ने 45 रन का योगदान दिया, जबकि ऋचा घोष ने अंत में 24 गेंदों में 34 रन की तेज़तर्रार पारी खेलकर टीम को 300 के करीब पहुंचा दिया।
कप्तान हरमनप्रीत कौर (20 रन) और जेमिमा रॉड्रिग्स (24 रन) ने भी पारी को संभालने की कोशिश की, मगर बीच के ओवरों में विकेटों के गिरने से भारत बड़ी बढ़त हासिल नहीं कर सका।
गेंदबाजी की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका के लिए अयाबोंगा खाका सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने तीन अहम विकेट झटके। मलाबा, डी क्लर्क और क्लो ट्रायोन को एक-एक सफलता मिली।
यह भारत का किसी महिला विश्व कप फाइनल में अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। इससे पहले ऐसा ऊंचा स्कोर केवल ऑस्ट्रेलिया ने 2022 विश्व कप फाइनल में बनाया था, जब उसने पांच विकेट पर 356 रन ठोके थे।
अब मुकाबला रोमांचक मोड़ पर है — दक्षिण अफ्रीका को खिताब जीतने के लिए रिकॉर्ड 299 रन का पीछा करना होगा। अभी तक महिला वनडे विश्व कप फाइनल में इतने बड़े लक्ष्य का सफल पीछा कभी नहीं हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका का अब तक का सबसे बड़ा सफल चेज 275 रन का रहा है, जो उसने 2022 में भारत के खिलाफ ही किया था।
वहीं अब भारत की नज़र अब इतिहास रचने पर है — अगर टीम यह लक्ष्य बचा लेती है, तो वह पहली बार महिला विश्व कप चैंपियन बनेगी।

