जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा वंशवादी राजनीति पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। थरूर ने अपने हालिया लेख ‘इंडियन पॉलिटिक्स आर ए फैमिली बिजनेस’ में नेहरू-गांधी परिवार का नाम लेकर वंशवादी राजनीति की आलोचना की, जिसे लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
कांग्रेस नेताओं ने किया बचाव
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार ने देश सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है। उन्होंने कहा, “पंडित जवाहरलाल नेहरू इस देश के सबसे सक्षम प्रधानमंत्री थे। इंदिरा गांधी ने बलिदान किया और राजीव गांधी ने देश सेवा में योगदान दिया। क्या कोई और परिवार ऐसा कर पाया है?”
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि किसी के पारिवारिक इतिहास के आधार पर राजनीति में आने पर रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता निर्णय करती है।
उदित राज ने गांधी परिवार का बचाव करते हुए बताया कि राजनीति में वंशवाद अन्य क्षेत्रों की तरह सामान्य है। उन्होंने भाजपा और अन्य पार्टियों पर भी वंशवादी राजनीति बढ़ाने का आरोप लगाया।
Dr Tharoor has become Khatron ke Khiladi
— Shehzad Jai Hind (Modi Ka Parivar) (@Shehzad_Ind) November 3, 2025
He has directly called out Nepo Kids or Nawabs of Nepotism
Sir when i called out Nepo Naamdar Rahul Gandhi in 2017 – you know what happened to me
Sir praying for you…
First family is very vengeful https://t.co/yvaMEY8vtI
भाजपा ने कसा तंज, थरूर को किया समर्थन
भाजपा प्रवक्ता शहजाद जयहिंद ने थरूर के बयान पर कांग्रेस को कटाक्ष करते हुए कहा कि थरूर ने ‘नेपो किड’ राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर सीधे हमला किया। शहजाद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि थरूर अब खतरों के खिलाड़ी बन गए हैं और फर्स्ट फैमिली बदला ले सकती है।
थरूर ने अपने लेख में क्या लिखा
अपने लेख में थरूर ने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार भारत का सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार है, लेकिन इस वजह से राजनीति कुछ परिवारों का जन्मसिद्ध अधिकार बन गई है। उन्होंने लिखा कि वंशवादी राजनीति भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा है।
थरूर ने विस्तार से बताया कि राजनीतिक घरानों के सदस्य अक्सर वोटर्स की जरूरतों का असरदार जवाब देने में नाकाम रहते हैं और प्रशासन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। लेख में उन्होंने अब्दुल्ला, मुफ्ती, नवीन पटनायक, ठाकरे, तेजस्वी यादव, बादल और करुणानिधि परिवारों का भी जिक्र किया।
बता दें कि,थरूर की टिप्पणी के बाद कांग्रेस पार्टी में हंगामा मचा हुआ है, वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस पर हमला करने का अवसर बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में जनादेश और पारिवारिक राजनीति पर बहस को और तेज कर सकता है।

