जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट अभी कुछ दिनों तक और जारी रहने की संभावना है, जिसके कारण देशभर में लाखों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एयरलाइन ने स्वीकार किया है कि क्रू की कमी की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाया और योजना बनाने में कमी रह गई। इसी वजह से इंडिगो ने सरकार से 10 फरवरी तक नियमों में अस्थायी छूट देने का अनुरोध किया है।
इंडिगो के अनुसार, ठंड के मौसम में धुंध और बढ़ती भीड़ के बीच क्रू की कमी की समस्या और गंभीर हो गई है। एयरलाइन का कहना है कि शेड्यूल को सामान्य करने की कोशिशें अगले दो-तीन दिन और जारी रहेंगी, जिससे उड़ानों के कैंसिल होने का सिलसिला बना रह सकता है। हालांकि, 8 दिसंबर से इंडिगो अपने फ्लाइट ऑपरेशन में कटौती करेगी, जिससे उड़ान रद्द होने की स्थिति कुछ हद तक सुधर सकती है।
एयरलाइन ने पायलटों के आराम और नाइट ड्यूटी के नियमों में 10 फरवरी तक छूट मांगी है। डीजीसीए ने इंडिगो की इस मांग की पुष्टि करते हुए कहा कि यात्रियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए और सुरक्षा मानकों को बरकरार रखते हुए एफडीटीएल नियमों में अस्थायी राहत देने पर विचार किया जा रहा है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए नाइट ड्यूटी समय जिसे आधी रात से सुबह 5 बजे से बढ़ाकर 6 बजे करने का निर्णय लिया गया था, फिलहाल वापस ले लिया गया है। इसके अलावा, रात में दो बार लैंडिंग की सीमा को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बीती रात मंत्रालय, डीजीसीए, एएआई और इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और एयरलाइन के परिचालन की स्थिति का जायजा लिया। मंत्रालय ने बताया कि नवंबर के अंत से देशभर में उड़ानों के रद्द होने में भारी बढ़ोतरी के बाद सरकार इंडिगो के नेटवर्क पर नज़दीकी नजर बनाए हुए है।
फिलहाल इंडिगो हर दिन 170 से 200 उड़ानें रद्द कर रही है, जबकि बीते दो दिनों में करीब 700 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। ऐसे में डीजीसीए ने सख्त निर्देश जारी करते हुए एयरलाइन को क्रू की भर्ती बढ़ाने, ऑपरेशनल स्थिरता के लिए ठोस योजना तैयार करने, हर दो हफ्ते में क्रू उपलब्धता व शेड्यूलिंग पर रिपोर्ट जमा करने, और एफडीटीएल नियमों में छूट की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। डीजीसीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में इंडिगो के नेटवर्क परफॉर्मेंस और पैसेंजर-हैंडलिंग सिस्टम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही एयरपोर्ट्स पर भीड़ को संभालने के लिए पैसेंजर हैंडलिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित यात्रियों को बेहतर सहायता मिल सके।

