Friday, May 1, 2026
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भारत के लिए गर्व का क्षण, यूनेस्को ने दीपावली को किया अमूर्त धरोहर की सूची में शामिल

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारत के लिए आज एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बना, जब यूनेस्को ने देश के प्रमुख पर्व दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की प्रतिष्ठित सूची में शामिल कर लिया। यह फैसला यूनेस्को की अंतरराष्ट्रीय समिति की बैठक में लिया गया, जिससे भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है।

भारत की सांस्कृतिक पहचान को मिला वैश्विक सम्मान

दीपावली भारत की आध्यात्मिकता, विविधता और सामाजिक एकता का अद्वितीय प्रतीक है। यूनेस्को का यह निर्णय न केवल भारतीय परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और उसके मूल्यों की महत्ता को भी रेखांकित करता है।

क्यों खास है यह निर्णय?

दीपावली सिर्फ एक पारंपरिक त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, बुराई पर अच्छाई की जीत, आंतरिक ज्योति और सकारात्मकता का संदेश देने वाला पर्व है। भगवान राम के वनवास से लौटने पर अयोध्या में दीप जलाकर स्वागत करने की परंपरा इसका मुख्य आधार मानी जाती है। यह त्योहार पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या होगा बदलाव?

यूनेस्को की सूची में शामिल होने से दीपावली को वैश्विक सांस्कृतिक पहचान मिलेगी

अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा

टूरिज्म, रिसर्च और डॉक्यूमेंटेशन को बढ़ावा मिलेगा

भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी

यूनेस्को की सूची में पहले से शामिल भारतीय विरासतें

दीपावली से पहले भारत की ये परंपराएं और आयोजन यूनेस्को की अमूर्त धरोहर सूची का हिस्सा हैं:

कुंभ मेला

दुर्गा पूजा

गरबा

योग

78 देशों के 67 नामांकनों पर हुई चर्चा

यूनेस्को की बैठक में 150 देशों के 700 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस वर्ष कुल 78 देशों से 67 नामांकन अमूर्त धरोहर श्रेणी में विचार के लिए प्रस्तुत किए गए। भारत ने दीपावली के समर्थन में बताया कि यह त्योहार सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शांति, समृद्धि और अच्छाई का वैश्विक संदेश देने वाली सांस्कृतिक विरासत है।

दिल्ली आज फिर रोशनी से नहाएगी

यूनेस्को के इस बड़े फैसले के बाद राजधानी दिल्ली में आज शाम कई जगहों पर दिवाली मनाने की विशेष तैयारियां की गई हैं। लाल किला, चांदनी चौक, इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन और कर्तव्य पथ सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर रंगोलियां बनाई जा रही हैं और दीयों व लाइटों से विशेष सजावट की जा रही है।

दिल्ली के संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि शहर के सभी प्रमुख ऐतिहासिक व सरकारी भवनों को दीपावली की तरह रोशन किया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम लाल किला परिसर में होगा, जबकि चांदनी चौक रंगोली, रोशनी और आतिशबाजी से सजेगा

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